धर्म के मामले में अन्य सभी देश कंगाल; एकमात्र करोड़पति है भारत

एक मित्र ने एक कैनेडियन महिला मारीएलेन वार्ड का एक ट्वीट शेयर किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि “मैं सुदूर मध्य प्रदेश में एक ट्रेन पर एकल महिला यात्री हूं। इस डिब्बे में सभी लोग मेरा ख्याल रख रहे हैं, यह सुनिश्चित करते हैं कि मुझे पानी, चाय और भोजन मिलता जाए”।

उन्होंने समाचार पत्र के दोने में पोहा की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि ट्रेन में उनको “दिल को छूने वाला, सुखद अनुभव हुआ”।

मेरी कई महिला सहयोगी अकेले भारत घूम चुकी हैं। संयुक्त राष्ट्र के किसी भी दुरूह शांति मिशन में सहयोगियों को हर 4-6 सप्ताह में 7 दिन के लिए ड्यूटी स्टेशन से अवकाश लेकर मिशन वाले राष्ट्र से बाहर जाना होता है जिससे वे तनाव से राहत पा सकें।

संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन में तैनात सहयोगियों के लिए भारत पर्यटन और विश्राम करने के लिए एक प्रमुख गंतव्य स्थल है। आज तक सभी के मुंह से मैंने केवल प्रशंसा ही सुनी है।

जब वे मेरी सलाह मांगती हैं तो मैं उन्हें दिल्ली-आगरा-जयपुर सर्किट से बाहर निकलकर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, कर्णाटक, उड़ीसा इत्यादि घूमने के लिए कहता हूँ।

इन प्रदेशों में ट्रेन और बस में स्थानीय लोगों के साथ यात्रा करने का सुझाव देता हूँ। मैं उन्हें ओरछा, मांडू, इंदौर, माहेश्वर, रायपुर, हम्पी इत्यादि में कुछ समय बिताने को कहता हूँ।

मारीएलेन ने ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से एक ऐसे भारत की तस्वीर प्रस्तुत की है जो अतुलनीय है। उनके अनुभव को अन्य विदेशी महिलाओं ने भी शेयर किया और समर्थन में लिखा।

मारीएलेन ने एक लेख में भारत के बारे में पांच भ्रांतियों या ‘मिथक’ का खंडन किया है। उनके अनुसार यह पांच भ्रांतियां – (1) भारत में यात्रा खतरनाक है; (2) भारत एक देश है; (3) योग व्यायाम की एक प्रणाली है; (4) भारत निर्धन है; और (5) हिन्दुइज़्म एक धर्म है – सत्य नहीं है।

वे लिखती हैं कि भारत एक गुरु की तरह है जो आपको जीवन की यात्रा पर चलने के लिए आवश्यक अनुभव देता है। भारत में जाने के पहले अगर आप यह पूछेंगे कि “मुझे वहां क्या मिलेगा?”, तो उसका जवाब यह है कि “केवल वही मिलेगा जो आप अपने साथ लाते हैं”। यदि आप डरते हैं, तो आपको डरावने अनुभव होंगे। यदि आप उत्सुक और भरोसेमंद हैं, तो आपको दयालु और मददगार लोग मिलेंगे।

उनके अनुसार भारत बहुसंस्कृति से भरपूर एक उपमहाद्वीप है और यूरोपियन यूनियन से इसकी तुलना करना उचित है जिसमें कई राष्ट्र सम्मिलित हैं।

तृतीय, योग हिंदू धर्म के छः दर्शनो में से एक है और अद्वैत के सिद्धांत का पालन करता है। योग का लक्ष्य आपके दिमाग को शांत करना है ताकि आप सत्य से अवगत हो सकें और तदनुसार कार्य कर सकें।

चतुर्थ, भारत की जनता संतुष्ट और आनंदित प्रतीत होती है तथा पश्चिम के भौतिक रूप से अमीर लोगों की तुलना में अधिक सत्कारशील और उदार है। भौतिक गरीबी की तुलना में पश्चिम की आध्यात्मिक गरीबी अस्वास्थ्यकर है और शायद पृथ्वी के लिए बहुत अधिक विनाशकारी है।

अंत में, मारीएलेन लिखती है कि हिंदू धर्म की उत्पत्ति समय में खो गई है। विद्वानों का मानना है कि हिंदू धर्म लगभग 12,000 वर्ष पूर्व आया था। ऋग्वेद 8,500 वर्ष पूर्व रचा गया था।

हिन्दुइज़्म जीवन का एक तरीका है, जिसे धर्म के रूप में जाना जाता है, ऐसे नियमों का संग्रह जो हमारी क्रिया-कलापों को निर्देशित करता है। यह अनिवार्य रूप से विभिन्न धार्मिक, दार्शनिक, और सांस्कृतिक विचारों, मान्यताओं और परंपराओं का एक समूह है।

“यह पुनर्जन्म में विश्वास, कई अभिव्यक्तियों का एक पूर्ण निचोड़, कर्म और फल का नियम, सत्य के मार्ग पर चलने और जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति की आकांक्षा है”।

भारत की यात्रा के बाद मार्क ट्वेन ने लिखा था : “भारत में दो मिलियन (20 लाख) देवता हैं, और भारतीय उन सभी की पूजा करते हैं। धर्म के मामले में अन्य सभी देश कंगाल हैं; एकमात्र भारत करोड़पति है।”

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