समस्या नहीं, समाधान का हिस्सा बनिए

मेरी एक आदत है… एक सोच है… मैं खुद को problem oriented नहीं बल्कि solution oriented व्यक्ति मानता हूँ।

I generally don’t discuss problems… I discuss solutions…

मैं समस्याओं पर चर्चा करके समय बर्बाद नहीं करता, मैं समाधान पर चर्चा करना चाहता हूँ।

कल मैंने लिखा कि लोगबाग केक काट के जन्मदिन मनाना चाहते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, लोग बाग अपने बुज़ुर्गों के जन्मदिन, एनीवर्सरी पर केक काट रहे हैं। शादी के तुरंत बाद दूल्हा दुल्हन केक काट रहे हैं।

केक काटना सस्ता पड़ता है… दुइ सौ रुपल्ली का केक लिया के काटो, हो गया सेलिब्रेशन…

इसका शुद्ध भारतीय, सांस्कृतिक, सांस्कारिक, सनातनी विकल्प सुझाइये… सिर्फ हाय तौबा मचाने से, छाती पीट मुहर्रम मचाने से कुछ नहीं होगा… विकल्प दीजिये।

एक विकल्प मेरे दिमाग में आता है… ये प्रयोग कुछ लोगों ने किया भी है… बनारस में ही एक रेस्त्रां खुला था एक बार… पर बंदे ने कच्चा घड़ा ही उतार दिया नदी में, सो डूब गया…

एक ऐसा रेस्त्रां जहां आप अपने बच्चे का हैप्पी बड्डे या कोई भी उत्सव विशुद्ध भारतीय तरीके से, हिन्दू संस्कृति के अनुरूप मना सकें।

उसमें एक छोटी यज्ञशाला हो जहां पहले 30 – 40 मिनट का यज्ञ हो। तदोपरान्त भोजन… शुद्ध सात्विक शाकाहारी भोजन… ज़मीन पर बैठ के, पत्तल, दोना, कसोरा, पुरुआ में… per person थाली सिस्टम से चार्ज कीजिये।

यज्ञ करने के लिए अपना full time पुरोहित नियुक्त कीजिये। या खुद सीख लें हवन करना। कुल जमा 50 मंत्र ही तो रटने हैं… ऐसी कोई rocket Science नहीं है…

ऐसा रेस्त्रां ज़रूरी नहीं कि किसी commercial space में ही हो… रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी में भी चल जाएगा… सोच के देखिये, क्या एक booking भी नहीं मिलेगी रोज़ाना? लाखों की आबादी वाले शहर में?

सामान्य आदमी 250 रूपए थाली देगा तो नव धनाढ्य 1000 या 2000 प्रति व्यक्ति वाली व्यवस्था भी मांगेंगे… कोई सिर्फ 2500 में हैप्पी बड्डे मना लेगा और दूसरा कोई लाख रूपए भी ख़रचेगा…

इसी तरह घर में केक काट के celebrate करने वालों को विकल्प दीजिये… जो सस्ता भी हो, handy भी और attractive भी… भारतीय पारंपरिक रीति रिवाज़, rituals, खान पान, रहन सहन को आकर्षक बनाया जाए। इस दिशा में सोचना शुरू कीजिये।

पुनश्च : लेख की प्रतिक्रिया में एक सुझाव आया है, जो अच्छा भी है कि यह गौशाला में भी किया जा सकता है। मुंबई में तो मुमकिन नहीं, यहाँ शहर में पशुपालन की अनुमति नहीं, लेकिन अगर आप के शहर में गौशाला है तो यह संभावना टटोलनी चाहिए।

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY