ये डर अब कभी खत्म नहीं होगा… लगातार बढ़ेगा… दिन प्रतिदिन…

आजकल बहुत कठिन और कठोर हालातों का सामना करना पड़ रहा है सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग को। उनके झूठ फरेब का स्वागत सम्मान करने के बजाय जनता अब उस पर सत्य और तथ्य के सोशल-मीडियाई डंडों की मूसलाधार बरसात तत्काल करने लगी है।

दो दिन पहले उद्योगपति राहुल बजाज ने एक कार्यक्रम में देश के गृहमंत्री के सामने राग अलापा कि देश में बहुत डर का माहौल है, सरकार की आलोचना करने से लोग डर रहे हैं, वो खुद भी डरा हुए हैं।

उनके इतना कहते ही देश के तथाकथित सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग में उत्साह और उन्माद की लहर दौड़ गई। इन गैंग्स ने कुछ ही घण्टों में राहुल बजाज की वंदना ज़ोरशोर से प्रारम्भ कर दी।

इन्होंने ऐसा वातावरण बनाने की कोशिश की मानो राहुल बजाज कोई महान क्रांतिकारी हैं, जिन्होंने ‘तानाशाह मोदी’ के ज़ुल्म और ज़्यादती के खिलाफ मोर्चा खोलने का अदम्य साहस और शौर्य दिखाया है। आज से 10-12 वर्ष पहले का समय होता तो इन गैंग्स की यह शातिर नौटंकी बहुत गम्भीर चर्चा का केन्द्र बन गई होती। झूठ फरेब फैलाने का उनका यह षड्यंत्र शत प्रतिशत सफल भी हो गया होता।

लेकिन इसके बजाय राहुल बजाज के पुरखे जमनालाल बजाज से लेकर राहुल बजाज तक पर बरसी काँग्रेसी सरकारों की अथाह कृपा का काला चिट्ठा कुछ ही घण्टों में असंख्य उदाहरणों साक्ष्यों के साथ कश्मीर से कन्याकुमारी तक, सोशलमीडिया के माध्यम से पूरे देश में वायरल हो गया।

राहुल बजाज को देवता बनाकर उनकी आरती उतार रहे तथाकथित सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग्स के पास उस काले चिट्ठे का कोई जवाब नहीं था। अतः शाम होते होते उसने यह कह कर छाती कूटना शुरू कर दी कि राहुल बजाज पर ऐसा हमला ठीक नहीं। ऐसा हमला कर के उन्हें डराया जा रहा है। देश में डर फैलाया जा रहा है।

लेकिन तथाकथित सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग्स के इस पाखण्डी शोर पर सोशलमीडिया में जनता द्वारा राहुल बजाज के खिलाफ तथ्यों साक्ष्यों तर्कों के साथ किया गया तथ्यात्मक सत्य का प्रचण्ड शंखनाद बहुत भारी पड़ा। परिणामस्वरूप तथाकथित सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग्स के गुर्गे अब गरजने के बजाय देश में डर के माहौल का लाचारी भरा विलाप सिसकते हुए कर रहे हैं।

इन गैंग्स को अब यह सच समझ और स्वीकार लेना चाहिए कि 60-65 वर्षोँ तक देश में निर्बाध चले इन गैंग्स के झूठ फरेब अफवाह के एकछत्र राज्य का काल बनकर सोशलमीडिया का उदय हो चुका है।

इसलिए तथाकथित सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग्स का डर अब कभी खत्म नहीं होगा… दिन प्रतिदिन लगातार बढ़ेगा। क्योंकि 10-12 वर्ष पहले देश के आम नागरिक के पास सूचनाओं का सीमित स्रोत होता था, जिसपर तथाकथित सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग्स के गुर्गों का कब्ज़ा होता था। अगर किसी के पास सूचनाएं और तथ्य होते भी थे तो उसके पास अपनी बात कहने का कोई मंच या माध्यम नहीं होता था।

लेकिन पहले इंटरनेट, फिर सोशलमीडिया के उदय के साथ ही देश के आम नागरिक के लिए सूचनाएं एकत्र करने के सहस्त्रों स्रोत उपलब्ध हो गए हैं तथा अपनी बात कहने के लिए अनेक शक्तिशाली माध्यम और मंच उसे मिल गए हैं। इसलिए तथाकथित सेक्युलर लिबरल सियासी मीडियाई लुटियंस गैंग्स के गुर्गों का ये डर अब कभी खत्म नहीं होगा… दिन प्रतिदिन लगातार बढ़ेगा।

कल कुछ मित्रों ने कहा था कि राहुल बजाज का शुगर मिलों से कोई लेनादेना नहीं। उनके लिए तथ्य प्रस्तुत हैं – Rahul and Shishir Bajaj swap shares, end dispute

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