माँ की रसोई से : बेर का मिरचन, कब्ज़ की रामबाण दवाई

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कुछ मित्रों ने कब्ज़ के लिए कोई चूर्ण उपलब्ध करवाने के लिए कहा, जब उनके लिए बेर का मिरचन बनाया तो उसका स्वाद चखकर अपने ही बचपन की याद आ गयी कि कैसे चार आने में मुट्ठी भर-भर कर ये मीठा चूरण खाते थे, तब पता ही नहीं था कि ये पिज्ज़ा बर्गर वाली आधुनिकता हमारा बचपन भी छीन ले जाएगी और शरीर को दे जाएगी दस तरह की तकलीफें.

जब बड़े सुपुत्र को चखाया तो उसका स्वाद उनकी ज़ुबान पर ऐसा लगा कि मुझे यह चूरण छुपा कर रख देना पड़ा… वैसे ही जैसे माँ यशोदा कान्हा से माखन छुपाकर रख देती थी. क्योंकि इसे अधिक मात्रा में खाने से दस्त लग सकते हैं.

हमारे बचपन में कुछ चीज़ें किराने की दुकान पर इतनी सहजता से उपलब्ध हो जाती थी, वह भी स्वादिष्ट रूप में कि हमें कभी अलग से कब्ज़ या कीड़े की दवाई लेने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती थी. आजकल तो दस्त लगे तब भी डॉक्टर के पास दौड़ लगाओ और कब्ज़ हो तब भी.

खैर आप भी अपने घर के लिए इसे घर में बनाकर रख लें.

रेसिपी आसान है लेकिन मेहनत बहुत अधिक है क्योंकि इसमें सारी वस्तुएं घर में हाथ से कूट-पीस कर छानकर डाली जाए तो ही स्वाद आएगा.

तो सबसे पहले सूखे बेर को एक धूप दिखाकर उसके छिल्के चाकू से निकाल लें. फिर इसे बारीक कूटकर या पीसकर इसमें थोड़ा सा काला नमक, सहजन की सूखी पत्तियों का पाउडर, आंवला पाउडर, थोड़ा सा काली मिर्च पाउडर और थोड़ी सी मिश्री या गुड़ का पाउडर डालकर अच्छे से मिलाकर एयर टाइट डिब्बे में भर लें.

इसे रोज़ थोड़ा थोड़ा खाने पर आपको कभी भी कब्ज़ की शिकायत नहीं होगी, ऊपर से यह कैल्शियम से भरपूर चूर्ण स्वादिष्ट भी इतना है कि बच्चे तो बच्चे बड़ों की जुबान पर लग गया तो उनसे भी छुपा कर रखना पडेगा.

आप के पास सारी वस्तु उपलब्ध न हो तो मुझे इस नंबर पर whatsapp करें. मैं बनाकर भेज दूंगी.
माँ जीवन शैफाली – 9109283508

बेर के फायदे
बेर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने का गुण मौजूद होते हैं।
वज़न कम करने के लिए भी बेर एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें कैलोरी न के बराबर होती है।
इसमें विटामिन सी, विटामिन ए और पोटैशियम पाया जाता है। ये रोग प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर बनाने का काम करता है।
बेर एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है। लीवर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी यह एक फायदेमंद विकल्प है।
इसे खाने से त्वचा की चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है। इसमें एंटी-एजिंग एजेंट भी पाया जाता है।
अगर आप कब्ज की समस्या से जूझ रहे हैं तो बेर खाना आपको फायदा पहुंचा सकता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है।
बेर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और फॉस्फोरस मौजूद होता है। इसके सेवन से दांतों और हड्ड‍ियों को मजबूती मिलती है।
बेर दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियां होने की आशंका कम हो जाती है।
पेट संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। पेट दर्द होने पर इसे खाएं, दर्द दूर होगा। बेर को नमक और काली मिर्च के साथ खाने से अपच की समस्या दूर होती है।
बेर को छाछ के साथ लेने से घबराहट, उल्टी की समस्या में भी आराम मिलता है।
मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कॉपर, कैल्शियम, आयरन और खनिज पदार्थ आदि भी होते हैं। इन सभी तत्वों से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
बेर में कई तरह के एमीनो एसिड होते हैं, जो शरीर में प्रोटीन को संतुलित करते हैं। इससे अनिद्रा की समस्या दूर होती है।

गोमय उत्पाद व घर में बनी खाद्य सामग्री उपलब्ध है –

मुल्तानी मिट्टी चन्दन का साबुन – 30 rs
सर धोने का आंवला रीठा शिकाकाई वाला साबुन – 60 rs
ग्लिसरीन नीम साबुन – 50 rs
एलोवेरा साबुन – 50 rs
तेल – 100 ml – 150 rs
मंजन – 80 gm – 50 rs
सिर धोने का पाउडर – 200 gm – 80 rs
मेहंदी पैक – 100 gm – 100 Rs
लेमन उबटन – 100 gm – 50 rs
ऑरेंज उबटन – 100 gm – 50 rs
नीम उबटन – 100 gm – 50 rs
स्क्रबर उबटन (नीबू, संतरा के छिल्केवाला) – 100 gm – 50 rs


अलसी वाला नमक – 200 gm – 100 rs
अलसी का मुखवास (थाइरोइड) के लिए – 100 gm – 100 rs
weight Reducing हर्बल टी – 100 gm – 200 rs
कब्ज़ के लिए मिरचन – 100gm – 100rs
त्रिफला – 100 gm – 100 rs
पानी शुद्ध करने के लिए सहजन का पाउडर – 100gm -100rs
अचार का सूखा मसाला – 100gm – 150rs
गरम मसाला – 100gm – 200rs

संपर्क – माँ जीवन शैफाली – Whatsapp 9109283508

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