अर्नब : ऊंची लहरों के साथ बहता समंदर

अर्नब का अर्थ जानने से पहले हमें पत्रकारिता का अर्थ जानना होगा. क्योंकि आज के समय में पत्रकारिता का अर्थ मात्र समाचारों के प्रकाशन या प्रस्तुतिकरण तक सीमित नहीं रह गया है. आज सोशल मीडिया और मुख्य धारा की मीडिया में पत्रकारिता वह है जो समाज की दिशा तय करती है. समाज को जिस ओर ले जाना है मीडिया उनके मस्तिष्क में उस विचार का बीज बोती है.

अर्नब एक पत्रकार के रूप में कैसे हैं उसके कई पक्ष और विपक्ष में विचार हो सकते हैं, परन्तु अर्नब आज की पत्रकारिता में एक ऐसा मजबूत स्तम्भ बन चुका है जो अकेले ही देश की विचारधारा को किसी दिशा विशेष की तरफ मोड़ने का माद्दा रखता है.

मुझे याद आता है अर्नब का वह रूप जो रिपब्लिक के पहले था, सारे चैनल्स की खबरें एक तरफ और अर्नब का शो दूसरी तरफ. यह मात्र एक महत्वाकांक्षी पत्रकार का रूप नहीं था, यह एक ऐसे साहसी व्यक्ति का रूप था जो आँखों में आँखें डालकर सीधे सवाल पूछने की हिम्मत रखता था, चाहे वह व्यक्ति किसी भी राजनैतिक दल का हो या किसी भी उच्च पद पर आसीन व्यक्ति हो. इसलिए अर्नब का यह रूप मीडिया की स्थापित छवि से ठीक विपरीत किसी उग्र विचारधारा वाले व्यक्ति का रूप था, जो समाज में व्याप्त बुराइयों को उजागर करने की हिम्मत रखता था.

हालाँकि अर्नब के इस स्टाइल के कई विरोधी भी हुए, जो समाचार चैनल्स पर सेलेब्रिटी को बुलाकर चीख पुकार की नई परंपरा स्थापित कर रहा था. यह एक ऐसा दौर था जब वामपंथी मीडिया की मोनोपोली थी और वह एक स्वर और एक शैली में ख़बरों के प्रस्तुतिकरण, और मीठी छूरी से समाज के मस्तिष्क में गहरे घाव और मवाद पैदा कर रही थी. ऐसे में अर्नब इकलौता व्यक्ति था जिसने समाज का कॉलर पकड़कर कर झकझोर कर नींद से जगाया… यह चीख पुकार कदाचित एक सीमा के बाद सहनीय नहीं होती, लेकिन मुझे लगता है जब समाज की आत्मा सुप्त हो रही हो तब उसे ऐसे ही झकझोर कर उठाना सही था.

अर्नब ने अपने नाम को सार्थक किया, अर्नब ऊंची लहरों वाला वह समंदर है, जो उसके अन्दर के कचरे को किनारे पर ला पटकता है. समाज में फ़ैल रही गन्दगी को अर्नब ने चुन चुनकर किनारे पर ला पटका और नदियों के मगरमच्छ इस समंदर को छोटी सी मछली समझ बैठे…
परन्तु अपनी पहुँच और चैनल्स के माध्यम से अर्नब ने लहरों को सभी दिशाओं में फैलाया और आज वह एक जानीमानी हस्ती के रूप में स्थापित हो चुका है.

अपने संघर्षों के दिनों की कहानी जब अर्नब बताते हैं तो लगता है यदि देश के हर युवा में ऐसा जज़्बा आ जाये तो देश को हर क्षेत्र में समृद्ध बनने से कोई नहीं रोक सकता.

दूसरों की नौकरी छोड़कर जब व्यक्ति अपने लिए काम करने निकलता है, तो उसका स्वप्न अपने तक सीमित नहीं रहता, उसका स्वप्न और बड़ा आकर लेने लगता है. अपने इसी स्वप्न के साथ अर्नब ने कई मज़बूत रिश्ते हर क्षेत्र में बनाए जिसका फल उसे आज मिल रहा है कि उस पर हुए हमले की निंदा में देश का आम आदमी ही नहीं, हर वर्ग का प्रतिनिधि उसके साथ है.

आज समाज का रूप बदला हुआ है, अब कलम का स्थान कैमरा और चैनल्स लेते जा रहे हैं, परन्तु कुछ स्थापित कहावतें आज भी उतनी ही लागू होती है कि हर लड़ाई शस्त्र से नहीं जीती जा सकती, शास्त्र आज भी हमेशा ऊपर रहेगा, कलम और तलवार में से कलम की धार आज भी अधिक मानी जाती है.

आज जनता भी साथ है… मैं भी साथ हूँ… परन्तु आज अर्नब, तुम्हारे जज्बे और जोश के साथ मैं उस पत्रकारिता को भी देखना चाहती हूँ जो समाज में सिर्फ चीख पुकार या आरोप प्रत्यारोप ही नहीं, राष्ट्रीय एकता और युवाओं के लिए नए और समृद्ध मापदंड स्थापित करे.

चीख पुकार का यह दौर अब समाप्त करने की आवश्यकता है, अपनी लहरों को और विस्तार दो, तुम्हारे सामर्थ्य और संभावनाओं को यह देश पहचान चुका है, अब तुम खुद भी खुद को पहचानो, ताकि पूछता है ये भारत का स्थान पूछता है यह विश्व ले सके.

गोमय उत्पाद
हर्बल शैम्पू – 120ml – 60 rs
हर्बल शैम्पू विथ कंडीशनर – 120ml – 80 rs
Ingredients : Shampoo Base में आंवला, रीठा, शिकाकाई, गुडहल, मेहंदी, नीम, बेल पत्र, गौमूत्र एवं अन्य वस्तुएं
लाभ : बालों का झडना, समय से पहले सफ़ेद होना एवं रूसी कम करता है , कोई preservative नहीं है
उपयोग : सामान्य शैम्पू की तरह

मुल्तानी मिट्टी साबुन – 30 rs
Ingredients : मुल्तानी मिट्टी, रीठा, शिकाकाई, चन्दन, हल्दी, देसी गाय का गोबर, देसी गाय का घी, दूध, एलोवेरा, कपूर, नारियल तेल
लाभ : त्वचा के दाग धब्बे, झाइयां दूर करता है, और नई ऊर्जा व् कांति प्रदान करता है, इसमें झाग नहीं होता
उपयोग : साबुन गीला करके उबटन की तरह
मुल्तानी मिट्टी साबुन झाग वाला – 35 rs
Ingredients : सोप बेस में मुल्तानी मिट्टी, रीठा, शिकाकाई, चन्दन, हल्दी, देसी गाय का गोबर, देसी गाय का घी, दूध, एलोवेरा, कपूर, नारियल तेल
उपयोग : सामान्य साबुन की तरह

बालों के लिए तेल – 120 ml – 150 rs
Ingredients : अरंडी व नारियल तेल में कलौंजी, मेथीदाना, आंवला, नीम, बेलपत्र, गुडहल
लाभ : बालों का झडना, समय से पहले सफ़ेद होना एवं रूसी कम करता है , कोई preservative नहीं है
उपयोग : सामान्य तेल की तरह

मंजन – 80 gm – 70 rs
Ingredients : देसी गाय के गोबर के कंडे और नीम की राख में लौंग अजवाइन कपूर सौंफ आदि का पाउडर
टूथ पाउडर – 50gm – 70 rs
आम की गुठलियाँ अमरुद, आंवला, सौंफ, लौंग, अजवाइन, हल्दी आदि
दोनों ही मंजन दांतों के रोग दूर कर उन्हें मजबूती प्रदान करता है
उपयोग : मध्यमा ऊंगली से दांतों पर मंजन की मालिश करें

Water Purifying Enzyme – 100ml – 50 rs
विभिन्न फलों, फूलों एवं औषधीय वनस्पति से बना द्रव
1 ml 1 लीटर पानी के लिए पर्याप्त है, यह पानी शुद्ध करता है , इसे डालकर दो घंटे बाद प्रयोग करें, पौधों में छिडकाव के लिए एक मग में 10 ml , बालों की कंडिशनिंग या स्नान के लिए आधी बाल्टी में 20 ml

मेहंदी पैक – 150gms – 100 rs
मेहंदी में आंवला, गुड़हल नीम बेलपत्र
बालों में रंग के अलावा कंडिशनिंग के लिए

Hair Pack 100gms – 100 rs
काली मिट्टी के बेस में रीठा, शिकाकाई, आंवला, नीम, बेलपत्र, गुडहल
बालों की मजबूती के लिए
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हाथ से बनी खाद्य सामग्री
त्रिफला – 100 gm – 150 rs
कब्ज़ दूर करता है वज़न कम करता है
एक चम्मच त्रिफला एक कांच के ग्लास में पानी में भिगोकर सुबह उस पानी से कुल्ला करते हुए पीने से पेट के साथ दांतों की भी सफाई होती है

हर्बल टी – 100 gm – 200 rs
शरीर को विषमुक्त करने और इम्युनिटी बढ़ाने , इससे कई लोगों का वजन कम हुआ है, bp नार्मल हुआ है, एसिडिटी ठीक हुई है, ह्रदय सम्बंधित रोग दूर हुए हैं, थाइरोइड ठीक हुआ है

अलसी का मुखवास – 150 gm – 100 rs
अलसी, सौंफ, तिल, सुवा, धना दाल, खसखस, नारियल से बना मुखवास जो भोजन पचाता है, हार्मोनल बैलेंस बनाता है, कई लोगों को थाइरोइड में लाभ हुआ है

अलसी चाट मसाला- 150 gm – 100 rs
सामान्य चाट मसाले की तरह उपयोग किया जा सकता है, इसमें अलसी में सौंफ और सहजन की पत्तियाँ भी डाली गयी हैं जो कैल्शियम प्रदान करती है

कब्ज़ के लिए मिरचन – 150gms – 100 rs
सूखे बेर के पाउडर में सौंफ, सहजन की पत्तियाँ, गुड और कालानमक डला होने से कब्ज़ दूर करता है भूख बढ़ाता है, हिमोग्लोबिन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत

मधुनाशी – 100 gm – 100 rs
मेथी, अजवाइन, काली जीरी का पाउडर जिससे शुगर लेवल कम होता है
दुबले लोगों के लिए आधा चम्मच भोजन के बाद
मोटे लोगों के लिए आधा चम्मच भोजन के पहले

चाय मसाला – 100gm – 200 rs
दूधवाली चाय में डालने के लिए सौंठ इलायची कालीमिर्च वगैरह से बना स्वादिष्ट मसाला , इसे सिर्फ दूध में डालकर उबालकर भी पीया जा सकता है

गरम मसाला – 100gm – 200rs
सहजन पत्तियां कैल्शियम के लिए – 1 pack – 100 rs

गोमय चटाई
गोबर का Foot Mat जो पैरों के नीचे रखकर बैठने से कई रोगों को कम करता है – 200 rs (size 13 by 18)
गोबर का आसन – 350 (20 by 25)
गोमय Yoga Mat with cover 1500 (2 by 6 feet)
गोमय चटाई पर बैठकर ध्यान करने से ऊर्जा का स्तर बढ़ता है, उस पर पंजे रखकर बैठने से bp नार्मल होता है, शुगर कम होने के भी प्रमाण मिले हैं , पैर दर्द दूर होता है, पीठ के नीचे रखकर सोने से पीठदर्द ठीक होता है
गोमय फुट सोल – 100rs जूतों में रखने के लिए

Antiradiation Moble bag – 150 rs
Antiradiation मोबाइल बैग में देसी गाय के गोबर की शीट होती है, जिससे मोबाइल के radiations खत्म होते हैं

(यह सारे उत्पाद व्यक्तिगत अनुभव व प्रयोग पर आधारित है जिन्हें पुरानी परम्पराओं और वस्तुओं को फिर से मुख्य धारा में लाने के लिए बनाए गए हैं, किसी आयुर्वैदिक उपचार का दावा हम नहीं करते)
माँ जीवन शैफाली
9109283508


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