पाकिस्तान क्या है? What is Pakistan?

तारेक फतह कहते हैं- Pakistan is not a state, it is a state of mind.

आप उनकी कई बातों से असहमत हो सकते हैं लेकिन इस बात से नहीं। पाकिस्तान एक मानसिकता है। यह इस्लामी फासीवाद का साकार और जीवंत उदाहरण है। इसीलिए कोई भी पाकिस्तानी कहीं भी जाए वह अपने साथ यह मानसिकता लेकर चलता है। खुलकर भले न कहे फिर भी उसके ‘ज़ेहन’ में कहीं न कहीं पाकिस्तान बसता है।

कुछ दिनों पहले ब्रिटेन की लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने प्रधानमंत्री जॉनसन को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें ‘ऐतिहासिक बाध्यता’ (historic obligation) के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के मुद्दे पर मध्यस्थता कराने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर हिन्दू राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने का काम किया है और भारतीय सेना कश्मीर में अत्याचार कर रही है इत्यादि।

लेबर पार्टी के इस पत्र पर सांसद यास्मीन कुरैशी समेत आठ सांसदों के हस्ताक्षर हैं। यास्मीन कुरैशी जन्म से पाकिस्तानी हैं और बाकी आठ सांसद भी मुसलमान हैं।

कुछ दिनों पहले नरेंद्र मोदी को ‘ड्रैकुला ऑफ़ कश्मीर’ दर्शाता हुआ एक पोस्टर सोशल मीडिया पर खूब चल रहा था। पोस्टर में दिखाया गया था कि मोदी कश्मीरियों का मांस खा रहे हैं। कुछ मूर्ख उसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगाया गया बता रहे थे। इस पर पुलिस ने कार्यवाही भी की थी।

वास्तव में वह पोस्टर लंदन में प्रदर्शन कर रहे पाकिस्तानियों ने भारतीय उच्चायोग के सामने लगाया था। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने ये हरकत की थी।

आज लॉर्ड नज़ीर अहमद ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के तंत्र मंत्र वाले वक्तव्य पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट में लिखा कि अटल, सुषमा, जेटली तो गए अगला नंबर मोदी का है।

ध्यान दीजिए यह व्यक्ति ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स का सदस्य है। इसकी टाइटल सहित लिखें तो ‘द लॉर्ड अहमद’ जन्म से मीरपुरी है। मीरपुर पाक-अधिक्रांत जम्मू कश्मीर के उस भाग में स्थित है जिसे पाकिस्तान ने आज़ाद कश्मीर नाम दिया है।

मीरपुरी लोग अंग्रेजों के जमाने में समुद्री जहाजों में कोयले झोंकने का काम करते थे। इन्होंने जहाजों में घूमकर दुनिया देखी थी। कालांतर में PoJK में जब झेलम नदी पर मंगला बांध बना तो मीरपुर नगर पूरा डूब गया। मीरपुरी लोगों को पाकिस्तान सरकार ने मुआवज़ा दिया और ये सब जाकर इंग्लैंड में बस गए।

आज वही मीरपुरी मुस्लिम कम्युनिटी ब्रिटेन में रहकर कश्मीर के मुद्दे पर भारत विरोधी गतिविधियां संचालित करती है।

यह तो ब्रिटेन की बात हो गई। अब अमेरिका चलते हैं।

आठ वर्ष पूर्व एफबीआई ने गुलाम नबी फई को गिरफ्तार किया था। यह व्यक्ति आईएसआई से पैसे लेकर अमरीकी सरकार के अधिकारियों को घूस देता था ताकि वे कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने का काम करें।

फई जैसे एक नहीं हैं, इनकी पूरी लॉबी अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों में काम करती है। इमरान खान भले ही असहाय दिख रहा हो लेकिन विदेशों में पाकिस्तानी लॉबी अभी तक समाप्त नहीं हुई है।

ये तो ऑक्टोपस की भुजाएं हैं। इसका सिर आईएसआई और पाकिस्तानी फौज का डीप स्टेट है। ये ऑक्टोपस खाता क्या है? इसका भोजन है पाकिस्तान में नन्हें बच्चों को दी जा रही शिक्षा। यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम की 2016 की रिपोर्ट देखिये। खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, पंजाब, सिंध आदि प्रान्तों में बच्चों की पुस्तकों में लिखा होता है कि हिन्दू, सिख, अहमदिया और अंग्रेज दुश्मन हैं, उनके साथ हम नहीं रह सकते। हिंदू मुस्लिमों को बर्बाद कर देना चाहते थे और मुहम्मद बिन कासिम, महमूद गजनवी बहुत महान थे उन्होंने इस्लाम को बचाने के लिए लड़ाइयां लड़ीं।

ये है पाकिस्तान। इसीलिए जब भी कोई पाकिस्तानियों का बचाव करता है तो मुझे उसपर दया आती है। इस ऑक्टोपस की विषैली भुजाएं इसके मरने के बाद भी विश्व में यत्र तत्र बिखर जाएंगी। मुझे सोचकर डर लगता है। पाकिस्तान का विघटन समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है। यह इतिहास में पहले हो चुका है। सोवियत रूस के विघटन के बाद जो वामपंथी बिखरे वही आज लिबरल कहलाते हैं।

समर शेष है…

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