एक फरार चिदंबरम हुआ गिरफ्तार, मच गया फिर काँग्रेस में हाहाकार

कहने को पी चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील हैं, गृहमंत्री रह कर जानते होंगे कि CBI/ ED किसी को गिरफ्तार करने के लिए क्या कुछ कर सकती है। फिर भी उन्हें 25 घंटे के लिए भूमिगत होने की सलाह किसने दे दी!

इसके बाद भी कल काँग्रेस हैड ऑफिस में जा कर अपने को ईमानदार साबित करने की कोशिश की। लेकिन खुद को छुपा कर, फ़ोन बंद करके चिदंबरम ने खुद को लोगों की नज़रों में दोषी साबित कर लिया।

हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद अगर वो CBI/ ED को उन्हें गिरफ्तार करने देते तो उनका ही मान सम्मान बढ़ता लेकिन अब लोगों की नज़रों में तो प्रथम दृष्टया ‘चोर’ ही हो गए।

अब कल उनकी हाई कोर्ट के फैसले खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका तो मेरे विचार से बे-मानी हो गई (Infructuous), क्योंकि सुप्रीम कोर्ट फैसले को रद्द करेगा तो क्या चिदंबरम अग्रिम ज़मानत के अधिकारी हो जाएंगे?

मगर जब हाई कोर्ट ने अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी, तो सुप्रीम कोर्ट उन्हें अब ‘अग्रिम ज़मानत’ तो दे ही नहीं सकता, क्योंकि अब तो वो गिरफ्तार हो ही चुके हैं।

मैंने इसीलिए हाई कोर्ट के फैसले के बाद लिखा था कि CBI/ ED चिदंबरम को तुरंत गिरफ्तार करे और यही कारण था कि सुप्रीम कोर्ट में चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई से पहले ही CBI/ED उसे गिरफ्तार करना चाहती थी जिससे वो याचिका बे-मानी हो जाये।

अगर चिदंबरम के वकील फिर भी याचिका पर सुनवाई की मांग करते हैं तो अदालत उन्हें यही कहेगी कि उपयुक्त कोर्ट में ज़मानत की अर्जी लगाओ।

सारी काँग्रेस में हाहाकार मच गया, काँग्रेस मुख्यालय पर हंगामा किया, चिदंबरम के घर बाहर और CBI ऑफिस के बाहर भी हंगामा किया… जैसे कोई आसमान टूट पड़ा हो। काँग्रेस के नेता विलाप कर रहे हैं कि 11 साल पुराना मसला है और मोदी के पीएम बनने के 6 साल बाद गिरफ्तारी की गई है।

मोदी सरकार ने जांच पड़ताल करने के बाद ही हाथ डाला है और चिदंबरम को बचाव के पूरा मौका मिले। उन्हें तो 31 मई, 2018 से गिरफ्तार होने से रोका जा रहा था। ये तो काँग्रेस की फितरत थी कि किसी को भी बिना जांच उठा कर ले गए। उन्हें याद होंगे कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा, असीमानंद और अमित शाह, कैसे इन लोगों को गिरफ्तार किया… और भी बहुत हैं।

काँग्रेस नेता और वकील कपिल सिबल और अभिषेक मनु सिंघवी रट रहे थे कोर्ट में कि चिदंबरम को सोने नहीं दे रहे… सिबल को याद नहीं पुरोहित के 25 फ्रैक्चर पाए गए थे 9 साल की जेल में और साध्वी की क्या हालत की थी चिदंबरम की एटीएस ने…

काँग्रेस को ये भी याद करना चाहिए कि इंदिरा गाँधी की पुलिस को जब इमरजेंसी में जॉर्ज फर्नांडिस नहीं मिले तो उनके भाई को पकड़ लिया और चलती ट्रेन से धक्का देने की धमकी दी गई… ये लोग आज कानून की बात करते हैं!!!

खैर, खबर आ गई है चिदंबरम की…

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