प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में डंडा देने का बंदोबस्त कीजिये

Modi Ka Jadu

कूटनीति के बारे में कहा जाता है कि यह एक ऐसा आर्ट है जिसमें आप खूंखार, आवारा कुत्ते को ‘नाइस डॉगी, नाइस डॉगी’ या ‘प्यारा कुत्ता, प्यारा कुत्ता’ कहकर पुचकारते हैं जब तक आपके हाथ में छड़ी ना आ जाए। यानी कि जैसे ही हाथ में छड़ी आएगी, कुत्ते को मार के भगा देंगे।

कई बार मित्रगण छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाते हैं कि संसद में मोदी सरकार ने यह बोल दिया, वह बोल दिया। आज जब धारा 370 के अंतर्गत कश्मीर के विशेष स्टेटस को समाप्त कर दिया गया है, तो मेरे मन में यह विचार आया कि हाल ही में संसद में धारा 370 और 35A के बारे में पर मोदी सरकार क्या बोलती आई थी।

पिछले वर्ष तक लोकसभा और राज्यसभा में धारा 370 एवं 35A के उन्मूलन के बारे में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में सरकार ने लगातार यह कहा कि इन धाराओं को हटाने के बारे में सरकार के समक्ष कोई प्रस्ताव नहीं है।

यह उत्तर राष्ट्रवादियों को निराश करता था। कई ने नोटा या फिर विधानसभा चुनावों में काँग्रेसियों को वोट दे दिया। लेकिन यह समझना भी आवश्यक है कि अगर कोई सरकार इन धाराओं को हटाने के लिए प्रतिबद्ध थी, तो वह केवल – और केवल – मोदी सरकार थी।

पिछले वर्ष तक मोदी सरकार राज्यसभा में बहुमत से बहुत दूर थी। फिर जब वह दोबारा सत्ता में आए तो उन्होंने तीन तलाक तथा आरटीआई के संशोधन वाले कानूनों को लेकर राज्यसभा में बहुमत न होने के बावजूद वहां के पानी की गहराई को नाप लिया। दोनों विधेयक राज्य सभा की वैतरणी आसानी से पार कर गए। फिर उन्होंने धारा 370 के तहत कश्मीर के विशेष स्टेटस को समाप्त करने को हरी झंडी दिखा दी।

परिणाम सामने है।

पहले छड़ी नहीं थी, इसलिए कुत्ते भौंक रहे थे। जैसे ही छड़ी का इंतजाम हो गया, सभी कुत्तों को मार के भगा दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में डंडा देने का बंदोबस्त कीजिये। अगर इस समय डंडा नहीं है तो उस डंडे के आने के समय का इंतजार कीजिए।

हम अगला डंडा कुछ ही महीने में हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा के चुनावों में दे सकते हैं। इस मौके को मत चूकियेगा।

भारत की धरती पर पले-बड़े, शिक्षा-दीक्षा प्राप्त किये, एक घुमक्कड़ का जीवन व्यतीत करने वाले राष्ट्रवादी नरेंद्र मोदी को आँख मूंदकर समर्थन बनाये रखिये।

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