मोदी को ज़लील कर, मर चुकी कांग्रेस को संजीवनी देने वाले…

बीती 30 मई को नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और एक हफ्ते से पहले ही, 5 जून से भाजपा समर्थकों ने मोदी को ज़लील करना शुरू कर दिया।

अभी जो कांग्रेस हार के सदमे से उभर भी नहीं पायी और जो मरणासन्न हालत में पहुँच गई है, उसे हमारे लोग मोदी के खिलाफ ऊलजलूल बकवास कर संजीवनी दे कर जीवित करने का काम कर रहे हैं, जिसकी मैं घोर निंदा करता हूँ।

जिसके मुंह में जो आ रहा है वो कह रहा है। कोई कह रहा है मोदी ने हिन्दुओं को धोखा दिया है, कोई कहता है मोदी आतंकी बनाने निकल पड़ा है; कोई कह रहा है मोदी गाँधी बन रहा है, तो कोई और एक कदम आगे बढ़ कर बोला, अब एक गोडसे आना चाहिए।

मतलब कमीनेपन की हद देखिये कि मोदी की हत्या तक कराना चाहते हैं; और एक ने कहा, मोदी को नोबल प्राइज़ की भूख है… और ना जाने क्या क्या… जिसे कम से कम मैं तो सहन नहीं कर सकता और इसलिए इस बारे में 8 दिन से चुप रहा।

मैं आज 8 दिन तक लोगों का अनर्गल विलाप पढ़ रहा हूँ जो पिछले साल 3 राज्यों के चुनावों से पहले भी देखा था SC-ST बिल पर। एक मुस्लिम लड़की को पासपोर्ट देने पर सुषमा के खिलाफ क्रंदन और 2 -3 और विषयों पर…

और नतीजा हुआ 3 राज्यों में आज लोग त्राहि त्राहि कर रहे हैं हमारे ‘ज्ञानी’ मित्रों की वजह से… लेकिन उन्होंने दोष दे दिया आराम से ‘नोटा वीरों’ को जबकि दोषी वो खुद थे।

राहुल गाँधी और कांग्रेस के लोग बहुत खुश हैं कि देखो मोदी भक्त खुद ही मोदी को ख़त्म करने में लग गए, हमें तो कुछ करना ही नहीं पड़ रहा।

मतलब हमारे ही भक्त अब अगले 4 राज्यों के लिए Cambridge Analytica के फर्जी लोगों को पैदा कर रहे हैं… जैसे पिछले साल पैदा हुए थे।

मोदी ने दरअसल लोगों को इतना सक्षम बना दिया कि आज वो अपने को मोदी से ऊपर समझने लगे और मोदी को नाकारा।

जबकि सच ये है कि उनमें मोदी को समझने की ना कोई क़ाबलियत है और ना इतना दिमाग है।

मोदी जो करते हैं उसे समझना इतना आसान नहीं है। मैं ऐसे ‘ज्ञानी’ महारथियों के लिए दो बातें कहूंगा, जिससे शायद कुछ समझ आये –

पहली… 8 मई 2022 तक हज सब्सिडी लागू रहनी थी जिसे मोदी सरकार ने साढ़े चार साल पहले 16 जनवरी 2018 को ख़तम कर दिया… और सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार, सब्सिडी ख़त्म कर बचने वाली राशि को ‘अल्पसंख्यकों’ की शिक्षा और रोज़गार पर खर्च करना था।

‘ज्ञानी’ लोगों… तुम्हारी खोपड़ी में ये बात नहीं आई कि सब्सिडी ख़त्म हुई मुस्लिम समाज के लोगों की… और खर्च होगी सभी ‘अल्पसंख्यकों’ पर।

दूसरी… मोदी पर तुष्टिकरण का आरोप लगाने से पहले ये तो सोच लेते मेरे ‘ज्ञानी’ दोस्तों कि मोदी ने हिन्दुओं से तो कुछ नहीं छीना। कांग्रेस अगर सत्ता में आ जाती तो तुम्हारी क्या हालत करती, तुम सोच भी नहीं सकते और मुसलमानों को क्या कुछ नहीं दे देती।

इस बात अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि राहुल, उनकी बहन और विपक्ष के अन्य नेताओं के मंदिर दर्शन पूरी तरह बंद हो गए।

बाकी बातें फिर कभी…

prashant pole

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