सोशल मीडियाई आलोचकों, ये निष्पक्षता नहीं निष्क्रियता है

2014 से ही कई मोदी-समर्थकों को भ्रम है कि सिर्फ चुनाव के समय पूरी तरह नरेंद्र मोदी का समर्थन कर देना समझदारी है और उसके बाद चार सालों तक जहाँ जो बात उनके मन-मुताबिक न हो, उसके लिए मोदी को गालियाँ देना उस चुनावी समर्थन के बदले उनका अधिकार है। कइयों को यह भी लगता … Continue reading सोशल मीडियाई आलोचकों, ये निष्पक्षता नहीं निष्क्रियता है