देह पर नेतागिरी की दबंगई नहीं चलती, मेरे यार

मैं नरेन्द्र मोदी को सहानुभूति की आँख से देखता हूँ। शीर्ष पर स्थापित व्यक्ति नितांत अकेला होता है। वह अपने दिल की बात, खास तौर पर अंतरंग व्यक्तिगत बात, किसी से साझा नहीं कर सकता। यह बात हर ऐसे शख्स पर लागू है। उस पर भी जो विवाहित है और जिसका अपना परिवार है। परिवार … Continue reading देह पर नेतागिरी की दबंगई नहीं चलती, मेरे यार