परिणाम से पहले एक संकेत…

1977 में हुए लोकसभा के चुनावों से जुड़ा एक संस्मरण प्रख्यात लेखक पत्रकार संपादक मनोहर श्याम जोशी जी का एक संस्मरण मैंने बहुत पहले पढ़ा था जिसे आजतक नहीं भूला हूं।

आगे बढ़ने से पहले उल्लेख कर दूं कि उस दौर में पेपर बैलेट गिनने की वजह से मतगणना में 2 से तीन दिन का समय लगा करता था।

जोशी जी ने अपने उस संस्मरण में बताया था कि टेलीप्रिंटर पर धीरे धीरे परिणाम आने प्रारम्भ हुए थे। कांग्रेस हर सीट पर पिछड़ रही थी। लेकिन रायबरेली की मतगणना का रुझान नहीं आया था।

उसी समय नैनीताल सीट की मतगणना का रुझान टेलीप्रिंटर पर आया था जिसमें तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्णचन्द्र पंत बहुत अधिक मतों से पीछे चल रहे थे। वह रुझान उनकी पराजय का स्पष्ट संकेत दे रहा था।

इसे देखकर जोशी जी ने न्यूज़रूम में अपने साथियों से कहा था कि रायबरेली से इंदिरा गांधी की हार अब तय है, क्योंकि नैनीताल में पंत परिवार की लोकप्रियता और सम्मान रायबरेली में इंदिरा गांधी की लोकप्रियता और सम्मान से कई गुना अधिक है।

अतः पंत जी की पराजय का संकेत यह बता रहा है कि उत्तरप्रदेश में लहर किस दिशा में बह रही है। ऐसी स्थिति में इंदिरा गांधी भी चुनाव हारने जा रही हैं। जोशी जी का विश्लेषण सही सिद्ध हुआ था। इंदिरा गांधी वह चुनाव बुरी तरह हारी थीं।

स्व. जोशी जी के उपरोक्त संस्मरण का उल्लेख आज इसलिए किया क्योंकि आजतक और टाइम्स नाऊ चैनल के अलावा एक अन्य न्यूज़ चैनल के एग्ज़िट पोल में मैंने यह देखा था कि मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव को कड़ी टक्कर मिल रही है, उनकी जीत निश्चित नहीं कही जा सकती।

हालांकि उनके उस निष्कर्ष को मैंने पूरी तरह अनदेखा कर दिया था क्योंकि मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव की पराजय को मैं असम्भव मानता हूं। लेकिन परसों रात को एक अत्यन्त वरिष्ठ एवं अनुभवी पत्रकार से वार्ता हुई तो उन्होंने बहुत विस्तार से मैनपुरी की जो जानकारी दी उसे सुनकर मेरा विश्वास भी डगमगा गया। उनकी सूचना के अनुसार मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव की जीत की संभावनाओं पर बहुत गम्भीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

उनसे मिली इस खबर के बाद उहापोह में था कि इसे लिखूं कि नहीं लिखूं?

लेकिन आज तय किया कि यह सूचना सार्वजनिक करूं अपनी इस भविष्यवाणी के साथ कि यदि मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव की पराजय होने जा रही है तो इसका अर्थ यह है कि उत्तरप्रदेश में गठबंधन की धज्जियां बहुत बुरी तरह उड़ने वाली हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यवहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति मेकिंग इंडिया (makingindiaonline.in) उत्तरदायी नहीं है। इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार मेकिंग इंडिया के नहीं हैं, तथा मेकिंग इंडिया उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

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