भारतीय विपक्ष 2019 तो हार गया, अब कर रहा है 2024 हारने की तैयारी

कुछ लोग जो समाजसेवा या दान पुण्य का काम करते हैं, उनके लिए कहा जाता है कि वो लोक के साथ अपना परलोक भी सुधार रहे हैं।

मुझे राजनैतिक फिज़ा आंकने के लिये किसी एग्ज़िट पोल या सर्वे की ज़रूरत नहीं पड़ती।

हम तो गांव गिरांव में घूम के, 10 – 20 लोगों से बतिया के ही अंदाज़ लगा लेते हैं कि क्या माहौल है।

इस चुनाव में मैंने जो माहौल देखा उससे मुझे कोई शंका नहीं कि विपक्ष ये चुनाव हार चुका है।

पूरे देश मे काँग्रेस अगर कहीं लड़ाई में है या उसे बढ़त हासिल है तो वो है पंजाब और केरल। इन दोनों राज्यों को ले के हमने कभी खुशफहमी नहीं पाली… पिछले दो सप्ताह में बेशक पंजाब में भाजपा-अकाली की हालत में कुछ सुधार हुआ था पर इतना भी नहीं की सभी सीटें जीत लें… अलबत्ता 5-6 सीट ज़रूर आएगी।

खालिस्तानी तत्व, केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को दरकिनार करके एक तीसरे मोर्चे के रूप में मैदान में डटा है और अकालियों के ठीक ठाक वोट काट रहा है… उधर कैप्टन अमरेंद्र सिंह और सिद्धू के बीच तलवारें खिंची हैं… सिद्धू की पीठ पर राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा का हाथ है और वे सिद्धू को कैप्टन के विरुद्ध खुली बगावत के लिये उकसा रहे हैं।

इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए, और नरेंद्र मोदी के पक्ष में तमाम सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को देखने के बावजूद हमने ये खुशफहमी कभी नहीं पाली कि हम 13 में से 10 सीट जीत लेंगे… ज़मीनी हालात 5 या 6 कह रहे हैं… हमारी लोकल सीट पर अकाली नेत्री बीबी उपेन्द्रजीत कौर और बीबी जागीर कौर में ही सिर फुटव्वल है, और बीबी उपेन्द्रजीत ने बीबी जागीर कौर को हरवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

मुद्दा ये है कि विपक्ष जानता है कि वो कहाँ खड़ा है… वो जानता है कि ये चुनाव वो बुरी तरह हार गया है, इसके बावजूद वो ईमानदारी से, ससम्मान जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहा है… “EVM EVM” चिल्ला के वो जनादेश का अपमान कर रहा है…

आज के युग में, जब कि सोशल मीडिया का ज़माना है और हर व्यक्ति जागरूक है, जानकार है… आप कोई झूठ बहुत दिन तक नहीं फैला सकते। जनता जनार्दन को सच देर सबेर पता चल ही जायेगा।

विपक्ष ये चुनाव तो हार ही गया, पर ये EVM पर नग्न नृत्य कर के वो अपना भविष्य भी खराब कर रहा है…

कायदन उसे पूरे सम्मान के साथ मतदाता का धन्यवाद करना चाहिये और जनादेश को सिर माथे लगाना चाहिए… विजेता पक्ष को बधाई देनी चाहिये और राष्ट्र को ये विश्वास दिलाना चाहिये कि वो रचनात्मक विपक्ष की भूमिका में राष्ट्र सेवा करेगा… उसके बाद उसे आत्म निरीक्षण, आत्म मंथन कर भविष्य की योजना बनानी चाहिये…

पर वो आत्मघाती कदम उठा रहा है… लोक तो बिगाड़ लिया परलोक भी बिगाड़ रहा है। 2019 तो हार गया, 2024 हारने की तैयारी कर रहा है।

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