प्रियंकाजी, देश जानता है, कौन है अबतक का सबसे कायर और डरपोक प्रधानमंत्री

प्रियंका वाड्रा यह फैसला आप नहीं बल्कि यह देश और इतिहास करेगा कि इस देश के किस प्रधानमंत्री को परम वीर, पराक्रमी, साहस और शौर्य के प्रतीक के रूप में सदा याद किया जाएगा तथा किस प्रधानमंत्री को काहिल, कुटिल, डरपोक, कायर, नालायक और निकम्मे प्रधानमंत्री के रूप में याद किया जाएगा?

अब बताता हूं कि देश और इतिहास यह फैसला ‘राजसी औलादों’ की लफ़्फ़ाज़ी से नहीं बल्कि उस कसौटी पर करेगा जिसका जिक्र इस लेख में आगे करने जा रहा हूं…

देश भूला नहीं है और इतिहास कभी भूलेगा नहीं कि 14 फरवरी 2019 की शाम को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पुलवामा में हमला कर के सीआरपीएफ के 40 जवानों को शहीद कर दिया था।

कुछ घण्टों बाद 15 फरवरी की सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उस हमले की निंदा और आलोचना करने की बजाय स्पष्ट कहा था कि “यह हमला करने वाले आतंकी संगठनों और उनके पनाहगारों से मैं कहना चाहता हूं कि उन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी है। उन्हें अब इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके लिए मैंने सेना को पूरी आजादी दे दी है। हमें अपने जवानों पर पूरा भरोसा है।”

प्रधानमंत्री की इस चेतावनी के ठीक 10 दिन बाद 26-27 की मध्यरात्रि को पाकिस्तान की सीमा पार कर लगभग 250 किमी अंदर घुसे भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उन आतंकवादी हमलावरों के सबसे बड़े और मुख्य अड्डे पर अंधाधुंध बमवर्षा की थी। सैकड़ों की संख्या में उन आतंकवादीयों को मौत के घाट उतार कर उस अड्डे को नेस्तनाबूद कर दिया था।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ था। इससे पहले 16 सितम्बर 2016 को उरी में सेना के कैम्प पर हुए पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले में 16 जवानों की शहादत के बाद भी प्रधानमंत्री द्वारा पाकिस्तान को दी गयी ऐसी ही चेतावनी के ठीक 13 दिन बाद कई स्थानों से पाकिस्तान की सीमा पार कर लगभग 50 किलोमीटर अंदर तक घुसी भारतीय सेना की कमांडों टीमों ने दर्जन भर आतंकी अड्डों को नेस्तनाबूद कर सैकड़ों पाकिस्तानी आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था।

प्रियंका वाड्रा, आप को भले यह याद नहीं होगा लेकिन देश और इतिहास यह कभी नहीं भूलेगा कि 8 जनवरी 2013 को भारतीय सेना के जवान हेमराज का सिर काट कर ले गए पाकिस्तानी आतंकवादियों को एक वीडियो में उस शहीद के सिर को फुटबॉल की तरह इस्तेमाल कर के उससे खेलते हुए देखकर जब पूरा भारत अपमान और आक्रोश की आग से धधक उठा था उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उस घटना व उस वीडियो की निंदा व आलोचना मात्र कर के चुप हो गए थे लेकिन इस घटना के डेढ़ वर्ष बाद मई 2014 में नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री का पदभार सम्भालने के केवल 13 महीने के भीतर ही उस हत्यारे आतंकवादी मोहम्‍मद अनवर को खोज लिया गया था जिसने शहीद हेमराज के सिर से फुटबॉल की तरह खेलते हुए अपना वीडियो बनाया था। सेना ने उस हत्यारे के शरीर के सैकड़ों चिथड़े अपनी बंदूक की गोलियों से कर दिए थे।

यह अंतर है नरेन्द्र मोदी और मनमोहन सिंह में।

प्रियंका वाड्रा, आप को भले ही याद ना हो लेकिन देश और इतिहास यह कभी नहीं भूलेगा कि मई 2004 से मई 2014 तक, उन दस वर्षों के दौरान कश्मीर के अलावा शेष देश में, मुम्बई, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलौर जैसे महानगरों समेत देश के हर कोने में पाकिस्तानी आतंकवदियों द्वारा किये गए 50 से अधिक हमलों में 100 से अधिक जवानों समेत लगभग 1200 से अधिक निर्दोष नागरिकों की मौत हुई थी लेकिन उन दस वर्षों के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हर हमले के बाद उस हमले की कठोर निंदा आलोचना कर के चुप्पी साध लेते थे।

उन दस वर्षों के दौरान हुए आतंकवादी हमलों के जवाब में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाबी हमला कर के जवाब देने का साहस मनमोहन सिंह कभी नहीं दिखा सके थे। यहां तक कि 26/11/2008 को हुए मुम्बई हमले के तत्काल बाद जब स्वयं भारतीय वायुसेना ने मनमोहन सिंह से जवाबी कार्रवाई की अनुमति मांगी थी तो वो उसे अनुमति देने तक का साहस भी नहीं दिखा सके थे।

जबकि केवल 5 वर्षों के अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 बार अपने साहसी और पराक्रमी व्यक्तित्व का प्रदर्शन करते हुए ऐसे फैसले लिए और उन्हें क्रियान्वित कराया। याद ना हो तो याद दिला दूं कि उड़ी और पुलवामा हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से भी पहले 2015 में म्यांमार में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करने का फैसला भी नरेन्द्र मोदी ने ही किया था।

प्रियंका वाड्रा, उपरोक्त तथ्य चीख-चीखकर यह बता रहे हैं कि देश और इतिहास को यह फैसला करने में कोई कठिनाई नहीं होगी कि इस देश के किस प्रधानमंत्री को परम वीर, पराक्रमी, साहस और शौर्य के प्रतीक के रूप में सदा याद किया जाए तथा किस प्रधानमंत्री को काहिल, कुटिल, डरपोक, कायर, नालायक और निकम्मे प्रधानमंत्री के रूप में ही हमेशा याद किया जाए?

प्रियंका वाड्रा पिछले 2-3 दिनों से क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अबतक का सबसे कायर और डरपोक प्रधानमंत्री घोषित करती घूम रही हैं, इसलिए उनको मेरा जवाब है यह लेख।

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