आखिर तोड़ ही दी ज़बर्दस्ती का सेक्युलरिज़्म ओढ़े मिडिल क्लास की नींद

यह चुनाव देश लड़ रहा है – इस वाक्य को कहीं मेरे अंदर से प्रतिध्वनि आती है, कि हाँ, वाकई इस चुनाव को भारत; लड़ रहा है। बता रहा हूँ क्यों। कोउ नृप होय, हमै का हानि। भारत की भाषा में लिखे इस वाक्य का अर्थ भारत समझ गया। हानि क्या है उसे समझ में … Continue reading आखिर तोड़ ही दी ज़बर्दस्ती का सेक्युलरिज़्म ओढ़े मिडिल क्लास की नींद