सदियों से सुप्त हिन्दू समाज को पवनपुत्र महावीर का आशीर्वाद हैं मोदी

हिन्दू धर्म (या कहिये सनातन धर्म) में सैकड़ों वर्ष पहले अहिंसा को ही अंतिम सत्य मान लेने की वजह से कुछ कमियां आ गई थीं।

साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का स्तर इतना ऊंचा था कि भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।

यही दो मुख्य वजह रहीं कि सैकड़ों वर्षों तक दूसरे देशों के लुटेरे तो इस सोने की चिड़िया को लूटने के लिए बार बार भारत पर आक्रमण करते रहे, पर भारत ने कभी भी दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया।

पहले अरब देशों के लुटेरे हर कुछ वर्ष के अन्तराल पर भारत पर आक्रमण करते रहे -भयंकर हत्याकांड करते रहे, हज़ारों हाथी और ऊंट सोने चांदी व रेशमी कपड़ों से भरे विदेशों को ले जाने लगे। लाखों हिन्दू पुत्रियां लूट का माल बनाकर विदेशों में जबरन ले जाई गईं।

लेकिन कुछ अहिंसा का पुजारी बना और कुछ अपने झूठे बड़प्पन में दूसरे हिन्दू राजाओं से दूरी बनाकर असंगठित रहकर हिन्दू समाज दुश्मनों के हाथों लुटता रहा। हजारों वीर राजा बीच बीच में दुश्मनों को समाप्त भी करते रहे, पर संगठित न हो सकने की वजह से अगले युद्धों में उन्हीं दुश्मनों के हाथों धोखे से कत्ल भी होते रहे।

बीच में लम्बे समय तक विदेशी राजाओं ने हिन्दुओं की इन कमज़ोरियों का लाभ उठा कर हमारे देश पर और हमारी महान संस्कृति के वाहक हिन्दुओं पर राज भी किया। उसके बाद अंग्रेजों ने भी दो सौ वर्ष के आसपास हिन्दू समाज पर हर तरह के अत्याचार करके इस देश को लूटना जारी रखा।

1947 में 15 अगस्त को अंग्रेज तो यह देश लूटकर चले गये लेकिन उनकी ही मानस संतानों ने वामपंथ की मदद से हिन्दू धर्म को लगातार कमज़ोर करना (और बदनाम करना) जारी रखा। अपने ही देश में पहले विदेशी – अरब से आये मुस्लिम आक्रमणकारियों और फिर अंग्रेजों के हाथों अत्याचार झेलने को मजबूर रहे हिन्दू समाज को स्वतन्त्र भारत में भी लगातार अपमान का घूंट पीकर जीना ही जैसे नियति स्वरुप स्वीकार करना पड़ा।

वैसे तो सन 1947 से ही, पर विशेष रुप से 2004 से 2014 तक के समय में हालात यह हो गये थे कि हिन्दू अपने ही देश में दूसरे दर्जे का नागरिक बन गया था।

75-78% की जनसंख्या वाला हिन्दू समाज बंटा होने की वजह से राजनैतिक रुप से हाशिये पर खड़ा था और संगठित होने व कुछ हिन्दू विरोधी पार्टियों को एकमुश्त वोट देने की वजह से सिर्फ 18-20% जनसंख्या वाला मुस्लिम समाज कांग्रेस, सपा, बसपा, राजद, तृणमूल और ‘आप’ जैसी पार्टियों की आंखों का तारा बना हुआ था।

स्वाभाविक ही इन सभी पार्टियों की सरकारें मुस्लिम समाज की किसी भी ज्यादती पर आंख मूंदे रहती थी, और कानूनन व सामाजिक रूप से सही होने पर भी हिन्दू समाज दबाया जाता रहा।

यह हिन्दू समाज भूल चुका था कि कभी कोई भगवान श्रीराम भी थे जिन्होंने दूर श्रीलंका में जाकर उस समय के सबसे ताकतवर राजा रावण को उसकी बहुत मज़बूत सेना सहित नष्ट कर दिया था।

हिन्दू समाज भूल गया था कि हमारे बीच से ही कोई भगवान श्रीकृष्ण भी निकले थे जिनकी अगुवाई में दुनिया का महानतम युद्ध महाभारत हुआ था।

हम भूल गये थे कि हम महाराणा प्रताप, शिवाजी जैसे शूरवीरों की संतान हैं, हम चन्द्रशेखर और भगतसिंह व उधमसिंह जैसे हजारों लाखों महान बलिदानियों की संतान हैं।

हिन्दू समाज भूल गया था कि हम मां आदिशक्ति की संतान हैं, और दुनिया भर में शक्ति की ही पूजा होती है। हम आर्थिक रूप से कमज़ोर पड़ रहे थे, असंगठित होने की वजह से शक्तिहीन हो चुके थे और इसीलिये अपने ही देश में दूसरे दर्जे के नागरिक होने को अभिशप्त बने हुये थे।

लेकिन, आखिर अपनी शक्ति को तो एक बार स्वयं भगवान महावीर हनुमान भी भूल गये थे। पर जब उनको उनकी शक्ति के बारे में याद दिलाया गया तो वो एक ही छलांग में समुद्र पार कर लंका पहुंच गये थे और दुष्ट रावण की सोने की लंका जला दी थी।

2014 में उन्हीं महावीर हनुमान के आशीर्वाद से नरेन्द्र मोदी ने भारत के हिन्दू समाज को झकझोर कर जगा दिया और पिछले पांच वर्षों में हिन्दू समाज को उसकी भूली हुई महान संस्कृति व शक्ति याद दिलाई। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाकर देश को फिर से आर्थिक महाशक्ति बनाने की तरफ तेज़ दौड़ शुरु करवा दी।

और मोदीजी की इन्हीं कोशिशों का नतीजा है कि हिन्दू समाज कई सौ वर्ष की नींद से पहली बार जागा है और पूरी तरह से संगठित है। यही वजह है कि पिछले 25-30 वर्षों में पहली बार कोई बड़ा विपक्षी नेता (कांग्रेसी, सपाई आदि) दिल्ली के इमाम बुखारी के दरवाज़े पर वोटों की गुहार लगाते नहीं पहुंचा बल्कि उल्टा माथे पर तिलक लगाकर मंदिरों के चक्कर लगा रहा है।

यह पहली बार है कि हिन्दुत्व के गौरव के नाम पर वोट डाले जा रहे हैं, हिन्दू समाज अपने देश व अपने धर्म पर गर्व करते हुये आगे भी अपने देश व अपने धर्म की महानता को और बढाना चाहता है। और इसीलिए हर हिन्दू बढ-चढ़कर मोदीजी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना चाहता है।

23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे प्रधानमंत्री के पद पर अगले पांच वर्षों के लिए मोदीजी को फिर से बैठाने की घोषणा ही नहीं करेंगे बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि भारत जल्द ही एक बार फिर आर्थिक व सामरिक महाशक्ति बनेगा, और हिन्दू धर्म पूरे विश्व को अपने उच्च विचारों व आदर्शों से आलोकित करेगा।

आज पांचवें चरण का मतदान पूरा हुआ। भगवान महावीर हनुमान जी से प्रार्थना है कि छठे व सातवें चरण में भी – अभी तक सोये हिन्दुओं को जाग्रत करें जिससे सभी लोग अपना वोट देकर इस देश को मज़बूत बनायें।

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