चीन ने मानी भारत की बात, लगाया मसूद अज़हर पर प्रतिबंध : वैश्विक आतंकी घोषित हुआ अज़हर

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अज़हर पर सरकार को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। अंतर्राष्ट्रीय संगठन संयुक्त राज्य में 1267 अल क़ायदा प्रतिबंध समिति के एक विशेष सत्र में आतंकी मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित किया गया व उस पर प्रतिबंध लगाए गए।

2008 में 26/11 के हमले, 2016 में पठानकोट एयर बेस पर हमला और 2019 में पुलवामा में 40 जवानों पर हमले का ज़िम्मेदार जैश ए मोहम्मद संगठन ही था। सन् 2009 के बाद से ही भारत सरकार ने मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के अनेकों प्रयास किये।

भारत के इस प्रयास को 3 स्थायी शक्तियों का समर्थन मिलता रहा, मोदी सरकार के आने के बाद से केवल चीन मसूद अज़हर के विषय पर भारत का विरोध करता था। मोदी सरकार ने इससे पहले भी कई बार मसूद अज़हर पर प्रतिबंध व वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयास किये थे, मगर वे असफल रहे।

बहरहाल आज 1 मई 2019 को चीन ने अपनी शर्तें हटाकर मसूद अज़हर पर प्रतिबंध और उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी अधिकारी सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विटर पर घोषणा करके यह जानकारी दी। भारत की ओर से यह बड़ी कूटनीतिक जीत बताई जा रही है। भारत के कई मसलों में टांग अड़ाने वाले चीन ने आज भारत की बात मान ली। चीन पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाया जा रहा था। सूत्रों के हवाले से यह खबर है कि पुलवामा हमले के बाद से ही न्यू यॉर्क, वाशिंगटन, नई दिल्ली व बीजिंग में लगातार बातचीत चल रही थी। यूएनएससी के 1267 अल क़ायदा प्रतिबंध समिति ने एक विशेष सत्र में इस फ़ैसले पर मुहर लगाई।

मसूद अज़हर पर प्रतिबंध व वैश्विक आतंकी घोषित करने के बाद यह जान लें कि पाकिस्तान पर मसूद अज़हर पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ जाएगा।

पाकिस्तान को मसूद अज़हर के आतंकी कैम्पों को तबाह करना होगा। ऐसा न करने पर पाकिस्तान के खिलाफ भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही मसूद अज़हर को दुनियाभर में अन्य किसी भी देश में पनाह नहीं मिल सकेगी। उसके किसी भी देश में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा और साथ ही साथ किसी भी देश से वह आर्थिक सहयोग नहीं ले सकेगा। न ही आर्थिक गतिविधियों को कोई रूप दे सकेगा। संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों को मसूद अज़हर व उससे जुड़े बैंक खातों व संपत्तियों पर कार्रवाई करनी होगी। मसूद अज़हर व जैश ए मोहम्मद के संबंधित व्यक्तियों व उसकी संस्थाओं को कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके साथ ही पाकिस्तान को भी मसूद अज़हर पर आर्थिक रूप से कार्रवाई करनी होगी।

भारत काफी समय से पाकिस्तान पर मसूद अज़हर पर कार्रवाई करने की मांग करता रहा है, मगर पाकिस्तान ने हमेशा ही मसूद अज़हर पर कार्रवाई से किनारा किया। संयुक्त राष्ट्र में इतने बड़े प्रतिबंध के बाद वैश्विक पटल पर पाकिस्तान की भी फजीहत हुई है।

संदर्भ:

https://ritam.app/t/42832?guid=&platform_id=5


http://www.newindianexpress.com/world/2019/may/01/un-declares-jaish-chief-masood-azhar-as-global-terrorist-1971498.html?frm=wn

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