हाथ से न जाने देना ऐसा आदर्श प्रधानमंत्री

अतीत

एक वर्ष पूर्व मैंने उत्तराखंड हादसे पर एक शोध किया था। इस बात को लेकर कि उस हादसे की पूर्व सूचना आम जनता तक क्यो नहीं पहुंच सकी थी।

बहुत खोज की लेकिन निराशा हाथ आई। फिर मौसम विभाग के एक पूर्व अधिकारी की लिखी किताब हाथ लगी।

किताब पढ़कर जाना कि हादसे के चार दिन पहले से मौसम विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को लगातार सूचना दे रहा था कि श्रद्धालुओं को तुरन्त सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाए। उधर मुख्यमंत्री साहेब अति महत्वपूर्ण सूचनाओं को बिना पढ़े डस्टबीन में फेंकते रहे।

हादसे से पहले की रात थक-हार कर मौसम विभाग ने अमर उजाला में ये आवश्यक सूचना छपवाई, जो बहुत छोटे आकार में विज्ञापन जैसी छपी। जैसा कि तय था अधिकांश नागरिकों ने वह सूचना पढ़ी ही नहीं।

उन हज़ारों लोगों को बचाया जा सकता था, यदि मुख्यमंत्री आगामी खतरे की भयावहता को समझ लेते। हादसा होने के बाद भी हद ये हुई कि त्वरित राहत देने में भी राज्य सरकार ने बड़ा घोटाला किया।

वर्तमान

एक बेहद घातक ‘FANI’ तूफान रौद्र गति से उड़ीसा की ओर बढ़ रहा है। सेटेलाइट और डॉप्लर वेदर सिस्टम से मिली सूचना के अनुसार ‘FANI’ भयंकर तबाही मचाने वाला है। 1 मई को ये उड़ीसा के तटों से टकराएगा। उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल को इससे बड़ा नुकसान होने की आशंका व्यक्त की गई है।

हमारी सरकार मौसम विभाग की सूचनाओं को सदैव अलर्ट पर रखती है। उसे पता है कि ‘FANI’ घातक सिद्ध होने वाला है। तो अब जान लीजिये आपदा प्रबंधन में मोदी सरकार की प्रिपरेशन किस स्तर की है।

-सारे पर्यटकों को तटीय इलाके तुरन्त खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

-राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और तट रक्षक बल को तैयार रहने को बोल दिया गया है।

-मल्लाहों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी कर दी गई है।

-केंद्र सरकार ने तूफान आने के पहले ही चार राज्यों को एक हज़ार 86 करोड़ (1086 करोड़) रुपये की राशि तुरन्त प्रभाव से मंजूर कर दी है।

-मंत्रालय के आन्ध्र प्रदेश को 200.25 करोड़, ओडिशा को 340.875 करोड़, तमिलनाडु को 309.375 करोड़ और पश्चिम बंगाल को 235.50 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

तो मैंने आपको दोनों सरकारों के बीच का फर्क बारीकी से दिखा दिया है। उत्तराखंड हादसे की पूर्व सूचना होने के बावजूद हज़ारों मारे गए और आज एक तूफान के आने से पूर्व ही समुचित प्रबंध कर लिए गए। चारों राज्यों के साथ सूचना साझा की गई और बड़ी आर्थिक सहायता पहले ही दे दी गई।

किसे चुनना है, आप तय करें। उसे जो सोता रहा, ज़रूरी सूचनाओं को अनदेखा करता रहा… या ऐसा चौकीदार जो आपकी जानमाल की सुरक्षा के लिए किस कदर संजीदा है। क्या ऐसा करते समय उसने देखा कौन हिन्दू, कौन मुस्लिम। क्या उसने सोचा कि उसे गाली देने वाली मुख्यमंत्री के राज्य को सहायता नहीं देना चाहिए।

एक आदर्श पीएम आपको मिला है। उसे हाथ से मत जाने देना।

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