करवट लेता बंगाल

सेक्यूलरिज़्म की प्रयोगशाला जर्जर और खोखली हो चुकी है। सातवें धक्के तक इसका चक्रव्यूह टूट जाएगा। यह सिर्फ कहावत नहीं है। सच है कि बंगाल जो आज सोचता है वह बाकी भारत सौ साल बाद सोचता है। हिंदुत्व की अवधारणा भी सर्वप्रथम बंगाल में ही जन्मी थी। हिंदुत्व शब्द का सबसे पहले प्रयोग बंगाल के … Continue reading करवट लेता बंगाल