अब समय आ गया है इन घटिया लोगों की बखिया उधेड़ने का

पिछले 5 साल में कांग्रेस और विपक्ष के लोग अपनी अपनी 2 छटांक की ज़ुबान से बड़ी आसानी से मोदी को बदनाम करने कुछ बातें बोलते रहे हैं, क्यूंकि ऐसी बातें बोलने में कुछ खर्च नहीं होता और इन बातों को मीडिया भी हवा देता रहा है।

क्या क्या कहा गया? ज़्यादा नहीं 4-5 बातों पर ही गौर कीजिये –

-मोदी ने कुछ नहीं किया – (अब बताते रहो क्या किया है);

-मोदी ने 15 लाख खाते में नहीं दिए – (जो कभी कहा नहीं);

-मोदी जुमलेबाज़ है – (अब बताते रहो कि ये गलत है);

-संवैधानिक संस्थाओं को मोदी ने बर्बाद कर दिया (जबकि सुप्रीम कोर्ट को धमकी देते हैं कपिल सिबल);

-मोदी ने अम्बानी को रफाल का 30000 करोड़ दे दिया;

-मोदी सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के सबूत नहीं देता;

-लोगों को बोलने की आज़ादी नहीं है – (जिसके मुंह में जो आता है, वो बोल रहा है, देश के टुकड़े करने की बात करते है और फिर बोलने की आज़ादी नहीं है)।

ये हैं कांग्रेस के असली ‘जुमले’ जो उछालते रहते हैं और मीडिया कांग्रेस की मदद करता है जिससे लोगों में भ्रम फैलता रहे।

और भी बहुत सी बातें हैं जो कही जाती रही हैं। मीडिया कांग्रेस के नेताओं से कभी सवाल करने की कोशिश नहीं करता।

कल नरेंद्र मोदी ने ABP News को दिए इंटरव्यू में मीडिया को रफाल पर झूठे आरोप पर उन्हें (मोदी जी को) कटघरे में खड़ा करने के लिए सही फटकार लगाई।

सुमित अवस्थी और रुबिका लियाकत से मोदी जी ने जो कहा, वह पूरे मीडिया के लिए कहा।

मीडिया मोदी से सवाल पूछता है तो कांग्रेस के आरोपों पर पूछता है’ जबकि कभी राहुल गाँधी का इंटरव्यू ले कर मोदी की बातों को ले कर सवाल नहीं करता।

नहीं करता तो ना करे, लेकिन फिर राहुल को मोदी के मुकाबले बेहतर साबित करने की कोशिश तो ना करे।

इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने चैनल पर अरुण जेटली के इंटरव्यू को ब्लैक आउट करने के लिए जबरदस्त फटकार लगाई।

मीडिया के अनेक चैनलों की ये आदत बन चुकी है कि जो खबर कांग्रेस के खिलाफ हो उसे ब्लैक आउट कर दो और जो मोदी ने कहा, फेक न्यूज़ का मोदी के खिलाफ ढिंढोरा पीटते रहो।

इसीलिए मीडिया मोदी सरकार के कामों को जनता के सामने लाने की बजाय उसके खिलाफ दुष्प्रचार में लगा है।

विपक्ष के घटिया से घटिया लोगों को बहस में बिठा कर उन्हें हर तरह की गन्दी भाषा प्रयोग करने की अनुमति देते हैं ये मीडिया चैनल्स। फिर वो चाहे मोदी के खिलाफ हों या हिन्दू धर्म के खिलाफ।

राहुल गाँधी और विपक्ष के अन्य नेताओं के झूठभरे बयानों को मीडिया बोलता है – ‘राहुल का मोदी पर ज़बरदस्त हमला’!

रफाल पर राहुल की बकवास को ज़ोरदार हमला कैसे कह सकता है मीडिया!

अभी मीडिया के शेखर गुप्ता समेत लुटियन के 3 पत्रकारों के नाम हेलीकॉप्टर घोटाले में रिश्वत लेने के आरोप में सामने आएं हैं।

अभी और भी सामने आएंगे… इसके पहले पिछले साल पत्रकार उपेंद्र राय गिरफ्तार हुआ था जो अभी तक जेल में है।

मीडिया के पत्रकार अभी भी समय रहते सम्हल जाएँ अन्यथा अबकी बार चुनाव के बाद उनके लिए स्लोगन बन जायेगा – “बुरे दिन आएंगे”।

पिछले 17 साल से मोदी ने पत्रकारों की बहुत बकवास सही है लेकिन अब इन घटिया लोगों की बखिया उधेड़ने का समय आ गया है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यवहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति मेकिंग इंडिया (makingindiaonline.in) उत्तरदायी नहीं है। इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार मेकिंग इंडिया के नहीं हैं, तथा मेकिंग इंडिया उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

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