सेना को बलात्कारी सिद्ध कर पॉकेटमारी तक लाने के अवतार में ‘माओइस्ट काँग्रेस पार्टी’

देशद्रोह को अपराध की सीमा से बाहर करने का चुनावी वादा अपने घोषणापत्र में करने से आगे बढ़ते हुए… सेना को बलात्कारी और सेना प्रमुख को चौराहे का गुंडा कहने वाली ‘कम्युनिस्ट उर्फ माओइस्ट काँग्रेस’ अगर 2019 में सत्ता में आई…

तो अपने कल घोषित घोषणापत्र के मुताबिक सेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों पर…. देश की सीमा से लगायत देश के भीतर किसी भी आतंक प्रभावित राज्य, क्षेत्र में उनकी आधिकारिक ड्यूटी, तैनाती, कार्यवाई, सर्च ऑपरेशन के दौरान….

छेड़छाड़, डकैती, चोरी, लूटपाट, छिनैती, अश्लील हरकतों, पॉकेटमारी, चैन-स्नेचिंग, बलवा, शांतिभंग, रफ ड्राइविंग, ट्रैफिक नियमों को तोड़ने, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, नरसंहार, हत्या, सामूहिक हत्या सहित तमाम छोटे से लगायत बड़े आरोपों पर आईपीसी की एक समान धारा के तहत मुकदमें दर्ज हुआ करेंगे।

मुकदमा दर्ज होगा उनके आरोपों पर जिन पर सेना अपनी ड्यूटी निभाते समय कार्रवाई करेगी।

मसलन आतंकवाद से प्रभावित किसी क्षेत्र के किसी घर में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी पकड़ा भी जाये उस स्थिति में घर में मौजूद महिलाएं अगर कार्रवाई के दौरान उन्हें छेड़ने, उनके जेवर लूटने, उन्हें रात में परेशान करने, उनके घर पर हमला करने से लेकर अंगूठी, घड़ी, पर्स, बर्तन आदि लूटने के आरोप लगाती हैं तो सेना की उस टीम या नामजद पर उन अपराधों के लिए लागू आईपीसी की धारा के तहत सामान्य नागरिक के तौर पर दर्ज कराए जाएंगे।

तकनीकी तौर पर देखें तो विधिक धरातल यानी लीगल आधार पर किसी आतंकी मुठभेड़ जैसी कार्यवाई के दौरान ‘पीड़ित!’ परिवार सेना की टीम पर यह आरोप भी लगा सकता है कि सेना रात को आई, हमें धमकाया… ऊपर गिनाए गए अपराध किये और उनके घर ठहरे एक मेहमान को अगवा कर ले गए, बेचारे को हमारे सामने ही गोली मार दी और हम देखते रह गए जज साहब!

ऐसा संभव होगा कम्युनिस्ट काँग्रेस के घोषित एजेंडे के अस्तित्व में आने पर। मेनिफेस्टो के अनुसार अगर काँग्रेस की सरकार सत्ता में आती है तो वह AFSPA (आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट) में बदलाव करेगी, ताकि सुरक्षा बलों की ताकत और नागरिकों के अधिकारों के बीच एक संतुलन बनाया जा सके!

उसमें यह भी लिखा है कि लोगों को दी जाने वाली प्रताड़ना, यौन हिंसा और जबरन गायब कर देने जैसे अपराधों को AFSPA के दायरे से हटाया जाएगा।

काँग्रेस के मेनिफेस्टो की इस घोषणा का मतलब यही निकलता है कि अभी तक कश्मीर सहित अन्‍य जगहों, जहां AFSPA लागू है वहां सुरक्षा बलों द्वारा लोगों के साथ हिंसा की जाती है और महिलाओं को यौन हिंसा का शिकार बनाया जाता है, इस तरह कम्युनिस्ट काँग्रेस पार्टी सेना को बलात्कारी मानती है और आगे चोरी, छेड़छाड़, किडनैपिंग आदि के आरोपों तक ले जाना चाहती है।

घोषणा के अनुसार सुरक्षा बलों के अधिकारियों के खिलाफ जांच के कानून में भी बदलाव किया जाएगा। अभी तक AFSPA (अफ्सपा) के तहत अगर सुरक्षा बल के किसी अधिकारी के खिलाफ जांच करनी होती है तो पहले केंद्र सरकार से इसकी इजाज़त लेनी पड़ती है, लेकिन “माओइस्ट काँग्रेस’ अब इसमें बदलाव करना चाहती है, जिसके बाद बिना इजाज़त के ही किसी भी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकेगी।

जबकि अभी लागू मौजूदा व्यवस्था के तहत सेना या पैरा मिलिस्ट्री फोर्स के किसी अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत आती है और अगर शिकायत में दम होता है तो पहले से ही उस पर कार्रवाई होती है, लेकिन केंद्र सरकार से इजाज़त लेकर।

जिस बदलाव की बात राहुल गांधी की वामपंथी काँग्रेस कर रही है उसके बाद तो कम से कम कश्मीर घाटी में हर अधिकारी पर केस ही चल रहे होंगे, क्योंकि वहां किसी भी सर्च ऑपरेशन के बाद सेना पर घाटी के लोग आरोप लगाते ही हैं। जबकि अभी मौजूदा व्यवस्था के तहत घाटी में सेना, अर्धसैनिक बलों से जुड़ी ऐसी कुल 1799 शिकायतें आई… जिनमें से 68 मामलों में कार्रवाई हुई, जबकि 1741 में छानबीन हुई।

इस सबके बाद भी 2014 में 44 के अस्तित्व को बचाने भर की जुगत में आतंकवाद, अलगाववाद के खिलाफ आज की वामपंथी काँग्रेस खुद को माओइस्ट काँग्रेस बना चुकी है।

मात्र एक चुनाव जीतने के अस्तित्व रक्षा की मारी भूतपूर्व काँग्रेस और वर्तमान कम्युनिस्ट काँग्रेस पार्टी आज आतंक से प्रभावित जम्मू-कश्मीर सहित बाकी अशांत क्षेत्रों में AFSPA (अफ्सपा) में इन खतरनाक बदलावों की घोषणाओं के बाद : ‘अफज़ल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल ज़िंदा हैं’, ‘तुम कितने अफज़ल मरोगे, हर घर से अफज़ल निकलेगा’, ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्ला इंशाअल्ला’, ‘भारत की बर्बादी तक जंग चलेगी जंग रहेगी, कश्मीर की आज़ादी तक जंग रहेगी’ के नारों में खुद को ‘लिख’ ‘घोषित’ कर ‘हम निभाएंगे’ की हरकत के लिए अभिशप्त है।

प्रश्न, देश का मतदाता यकीनन हल करेगा कि क्या देश के टुकड़े और देश से सौ सालों तक जंग के गिरोहों की चाल चलती और घोषणाएं करती काँग्रेस पार्टी को देश की एक दिन की भी सत्ता सौंपी सकती है!

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