बोलो जुबां केसरी : भारत के अब टुकड़े होंगे, सोचना भी मत!!

जाके प्रिय न राम वैदेही….. किंवदंती है कि मीराबाई को जब चित्तौड़ में मारने के षड्यंत्र होने लगे तो वे बहुत खिन्न हुईं और गोस्वामी तुलसीदास को एक पत्र लिखा “मैं क्या करूँ?” तुलसीदास जी ने जो उत्तर दिया वह विनयपत्रिका का उक्त पद है। जाके प्रिय न राम वैदेही। तजिये ताहि कोटि बेरी सम, … Continue reading बोलो जुबां केसरी : भारत के अब टुकड़े होंगे, सोचना भी मत!!