‘गले मिलने की कच्ची खिचड़ी’ और ISI की सांठ गांठ के कारण कांप रही इमरान की रूह

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश देकर इस बात की घोषणा कि एक परीक्षण में 300 किमी ज़मीन से ऊपर, अन्तरिक्ष में घूम रहे किसी उपग्रह को, भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने नए प्रयोग “मिशन-शक्ति” के अन्तर्गत, ज़मीन से मिसाईल छोड़कर पूरी तरह चकनाचूर कर दिया।

यह ताकत अभीतक दुनिया के सबसे ताकतवर देश रूस, अमेरिका और चीन के पास थी। अब भारत ने भी यह अदभुत सैन्य क्षमता प्राप्त कर ली। अब अगर भारत पाकिस्तान का युद्ध होता है तो पाकिस्तान के परमाणु हथियार धरे के धरे रह जाएंगे तथा पाकिस्तान के F-16 विमान हवा में गुलाटी लगाते ही ज़मीन पर आ टपकेंगे।

पाकिस्तान के वज़ीरे आज़म मियां इमरान ने जैसे ही यह समाचार सुना तो वह बोखला गए। कपड़े फाड़ने लगे। इमरान ने जो अपना ताज़ा इन्टरव्यू फायनेंशियल टाईम्स अमेरिका को दिया है। उसे पढ़ने के बाद साफ साफ नज़र आ रहा है कि मोदी के नाम का भूत, इमरान मियाँ को रात में ठीक से सोने नहीं देता होगा।

उन्होने अपने बयान में साफ साफ बोला है कि “भारत में हो रहे चुनावों के पहले या बीच में मोदी पाकिस्तान पर फिर से सर्जिकल स्ट्राईक या कोई पंगा ज़रूर लेगा, जिससे मोदी की चुनाव में उनकी पक्की जीत हो जाये।

अब इमरान खान को एकमात्र पूरी आशा राहुल पर टिकी है। उन्हें विश्वास है कि अगर राहुल सत्ता में आ जाते हैं तो पाकिस्तान पर मोदी के कारण आ रहा खतरा टल जायेगा।

इधर 25 मार्च को चीन ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री को बुलाकर हवा टाईट की है। चीन यह जानना चाहता है कि मसूद मियाँ में ऐसी कौनसी शहद चिपकी है जिसके कारण पाकिस्तान उसे अन्तर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने से चीन के वीटो करने की बार बार गुहार लगाता है। समाचार है कि चीन ने “स्टेट बैंक आफ पाकिस्तान“ में 1.2 अरब डालर की रकम ट्रान्सफर कर दी है।

कूटनीतिक जानकारों को चिन्ता हो रही है कि आर्थिक रूप से दिवालिये की कगार पर खड़े पाकिस्तान के आका अपनी मनचाही सरकार भारत के चुनावों में लाने के लिये, कहीं इस चीनी खज़ाने का उपयोग भारत के चुनावों में खर्च न करे।

कूटनीतिक सूत्रों का अनुमान है कि इज़राईल और अमेरिकन जासूसी जानकारी के आधार पर भारत की हवाई फौज ने पुख्ता बालाकोट पर हमला करके फिदादीनों को मार डाला है। पर पाकिस्तान इस हमले से इस लिये इन्कार कर रहा है कि मरने वाले आतंकी “इस्लामिक स्टेट” के सीरिया के जान बचाकर भागकर पाकिस्तान में आए आतंकी है।

अगर पाकिस्तान ने इन मरे हुए मुहजादीनों और जालिम तालिबानियों और हक्कानी ग्रुप के हमलावरों को दुनिया के सामने ला दिया तो यह सिद्ध हो जायेगा कि पाकिस्तान में जिस तरह ओसामा बिन लादेन छुपाया था उसी तरह अब उसका वारिस “बगदादी” छुपा हो सकता है। इस बगदादी को ज़िंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए अमेरिका ने 25 मिलीयन डॉलर (125 करोड़ रूपये) का इनाम रखा है।

अब इमरान को अपनी सलामती का एक ही तरीका नज़र आरहा है कि या तो वह मोदी के पैर पकड़कर भारत की सब शर्तें मान ले, अथवा साम दाम दण्ड़ भेद से पूरी ताकत लगाकर सिद्धू के जरिये गले मिलने की कच्ची खिचड़ी पका कर ऐसा कुछ चुनावों में जाल फैलाए कि “मोदी जी” की सरकार भारत में न बन सके। उन लोगों की विजय चुनावों में हो जिन्हें सुरा सुन्दरी या धन धान्य के बल पर आसानी से खरीदा जा सके।

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