नीरव मोदी की गिरफ़्तारी पर विरोधियों का बचकाना विरोध

साल भर से बैंक के पैसे लेकर फ़रार भगोड़े नीरव मोदी को आज भारत की ओर से ब्रिटेन के पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया।

ध्यान रहे कि कुछ ही दिनों पहले नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट से गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया गया था। इसके बाद नीरव मोदी को सड़कों पर लाखों का कोट पहने हुए भी देखा गया।

48 वर्षीय नीरव मोदी साल 2018 से पंजाब नेशनल बैंक से 14 हज़ार करोड़ के घोटाले में फंसा हुआ था। यह देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला था। नीरव मोदी के साथ इस घोटाले में उसके चाचा मेहुल चौकसी, उसकी पत्नी एमी (अमेरिकी नागरिक) व उसका साला (बेल्जियन नागरिक) भी फंसे हुए हैं।

नीरव मोदी के ख़िलाफ़ प्रत्यर्पण निदेशालय ने कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं; जिनमें से एक कई एकड़ भूमि में फैले उनके आलीशान बंगले को डायनामाइट से उड़ा देना काफी प्रचलित हुआ था।

ग़ौरतलब है कि मोदी जी अक्सर अपने भाषणों में कहते रहे हैं कि भ्रष्टाचारी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे, और अब यह नज़र भी आ रहा है।

अपनी कई वीडियो में मूर्खता दिखा चुके यूट्यूबर ध्रुव राठी ने ट्वीट करते हुए पुनः अपनी मूर्खता का प्रमाण दिया है और कहा है कि मोदी सरकार इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं बल्कि टेलीग्राफ अखबार है, जिन्होंने नीरव मोदी की वीडियो शूट की; ध्रुव राठी के मुताबिक सरकारों का कोई काम नहीं होता, पुलिस तो मूर्ख होती है और असली खोजने और पकड़ने का काम अख़बार वाले करते हैं।

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी ध्रुव राठी की लाइन पकड़ते हुए कहा कि इसका श्रेय टेलीग्राफ को दिया जाना चाहिए; माल्या भी पिछले 18 महीनों से गिरफ़्तार हैं मगर उनका कुछ हुआ क्या?

वहीं ओमर अब्दुल्ला ने तो नीरव मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि ऑक्सफ़ोर्ड स्ट्रीट में घूमना एक विशेष अखहड़पन है। नीरव मोदी की गिरफ़्तारी कोई बड़ी बात नहीं है।

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