बीएसएनएल गाथा – 2 : बेरोज़गारी का रोना सिर्फ वे रो रहे जिनके पास स्किल नहीं

एक मित्र BSNL के बारे में एक लेख मेरी जानकारी में लाये है और मेरी राय मांगी है।

लेख के अनुसार –

  • BSNL और Jio का पूरा मामला रिलायंस द्वारा पूरे टेलीकॉम मार्केट को धराशायी करके एकल राज कायम करने की दीर्घकालीन नीति है।
  • सात टेलीकॉम कंपनियां जियो का मुकाबला नहीं कर पाने की वजह से बन्द हो गईं जिसके कारण बैंकों (यानी सरकार) के माथे पर 6 लाख करोड़ का NPA चिपक गया।
  • Jio ने अपनी सेवाओं पर इनकम टैक्स के रूप में एक पैसा भी नहीं दिया है, क्योंकि अभी तक Jio कम्पनी ने कागजों पर खुद को “घाटे में चल रही” कंपनी दर्शाया है।
  • Jio ने ग्राहकों को मोबाईल हैंडसेट ‘सुरक्षा निधि’ लेकर दिए हैं, ‘बेचे’ नहीं हैं। ज़ाहिर है कि सुरक्षा निधि पर GST नहीं लगता, केवल बेचने पर लगता है। इस हिसाब से सरकार को Rs. 10,800 करोड़ के GST का नुकसान हुआ।
  • सात टेलीकॉम कम्पनियाँ बन्द होने के कारण दो लाख प्रत्यक्ष/ अप्रत्यक्ष इंजीनियर और तकनीशियन अपनी नौकरी खो चुके है।

इस लेख में उठाये गए मुद्दे – भ्रामक मुद्दे – डेढ़ वर्ष पुराने हैं। फिर भी, बिंदुवार जवाब देने का प्रयास करता हूँ।

  • अगर Jio नहीं भी होता, तब भी बीएसएनएल अपनी अक्षमता और भ्रष्टाचार के कारण घाटे में चल रही होती। क्या वास्तव में बीएसएनएल को 1 लाख 76 हज़ार कर्मचारियों की आवश्यकता है?

बीएसएनएल के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव पिछले हफ्ते कहा कि “बीएसएनएल के राजस्व का 65% वेतन में चला जाता है, जो हमें नीचे खींच रहा है। अगर हमारे पास निजी कंपनियों के समान अनुपात में कर्मचारी होते हैं, तो हम एक लाभांश देने वाली कंपनी होते।”

इसके विपरीत एयरटेल में लगभग 25000 कर्मचारी है। Jio तो सिर्फ ढाई वर्ष पहले ही बाजार में आया है।

  • क्या उन सात टेलीकॉम कंपनियों को NPA या खराब लोन के कारण चलने देना चाहिए था? क्या वे सात की सात कंपनियां बोरी-बिस्तरा बांधकर कहीं भाग गयी? अगर वे भाग गयी तो क्या वे अपने इक्विपमेंट और प्रॉपर्टी भी लेकर भाग गयी? या फिर उन्हें किसी अन्य टेलीकॉम कंपनी ने खरीद लिया?

एयरसेल का 2G घोटाले से जुड़े लोगो के साथ क्या संबंध था? Shyam Telecom को रिलायंस ने खरीद लिया। फिर, उन्हें लोन किस सरकार के समय में क्या देखकर दिया गया? अगर कोई कंपनी ठीक से नहीं चल पा रही है, तो क्या उसे अपने-आप को दिवालिया घोषित करवाने का अधिकार नहीं होना चाहिए? क्या बैंको को आँख मूंदकर लोन दे देना चाहिए? क्या उनकी लोन न चुकने वाले रिस्क में कोई भागेदारी नहीं है?

डिजिटल कैमरा आने के कारण विश्व की सबसे बड़ी फिल्म रोल की कंपनी कोडक दिवालिया हो गयी। अब सेल फ़ोन में कैमरा होने से सस्ते डिजिटल कैमरे की बिक्री समाप्त हो गयी।

भारत में ईस्ट-वेस्ट एयरलाइन, सहारा एयरलाइन, डेक्कन एयरलाइन और किंगफ़िशर बंद हो गयी। अब जेट एयरलाइन वित्तीय रूप से डांवाडोल है। क्या इन सबको चालू रहना चाहिए था?

कुछ ही वर्षो में पेट्रोल का उत्पादन करने वाले देशों का एकाधिकार ख़त्म हो जायेगा। क्या हम गैर पारम्परिक ऊर्जा के स्रोतों का उत्पादन बंद कर दें?

क्या इलेक्ट्रिक कार मार्केट में ना आने दें, क्योंकि पेट्रोल पंप के मालिकों की दुकाने बंद हो जाएगी? इलेक्ट्रिक कार में लगभग 24 मूविंग पार्ट्स या घूमने वाले हिस्से होंगे, जबकि पेट्रोल कार में लगभग 150 होते हैं। क्या कार मैकेनिक के जॉब चले जाने के डर से भारत में इलेक्ट्रिक कार ना आने दें?

  • Jio को अक्टूबर-दिसंबर 2018 में 504 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है जिसपर उन्हें टैक्स देना पड़ेगा।
  • क्या Jio को भी फ़ोन बनाने वाली कंपनी ने हैंडसेट ‘सुरक्षा निधि’ लेकर दे दिए? Jio ने वह फोन कहीं से खरींदे होंगे जिसपर उन्हें GST देना पड़ेगा।
  • एम्बेसडर कार की फैक्ट्री बंद हो गयी, लेकिन कोई बेरोज़गार नहीं है। कई एयरलाइन्स बंद हो गईं। इसके बाद भी पायलट्स की कमी है। अगर सात टेलीकॉम कंपनियां बंद हो गयी तो भी उनके कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ा बाजार है। Jio ने पिछले अप्रैल में 80 हज़ार नए कर्मचारियों को भर्ती करने के अभियान की घोषणा की थी।

मेरे घर के पास के शॉपिंग माल में एक वर्ष में सेल फोन रिपेयर करने के 8 नए स्टॉल खुल गए। बहुत से टेलीकॉम कर्मचारी सैटलाइट टीवी के क्षेत्र में भी घुस गए हैं। 5G तकनीकी की मोबाइल सेवा इस वर्ष शुरू हो जायेगी। आज के युग में टेलीकॉम जैसे उभरते हुए क्षेत्र में बेरोज़गारी का रोना सिर्फ वही रोते हैं जिनके पास स्किल नहीं है।

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