न्यू ज़ीलैंड : क्योंकि लड़कों से गलतियां हो जाती हैं

न्यू ज़ीलैंड में अभी एक मस्ज़िद पर हमला हुआ है। For a refreshing change… हमलावर मुसलमान नहीं था।

हमलावर न्यू ज़ीलैंड का एक आम क्रिश्चियन नागरिक था। उसने हमले का वीडियो लाइव स्ट्रीम किया और ऑनलाइन अपना मैनीफेस्टो भी अपलोड किया।

उसका इशु बड़ा सरल था। उसे समाज और अपनी सरकार को एक मैसेज देना था कि “न्यू ज़ीलैंड की डेमोग्राफी तेज़ी से बदल रही है, बाहर से इस्लामिक लोग तेज़ी से अंदर आ रहे हैं व अपने आप को मल्टीप्लाई कर रहे हैं… उसे रोको।”

जब सरकारें जनमानस की बात ना सुन कर लोकलिहाज़, नोबेल पीस प्राइज़ को निगाह में रखकर पॉलिसी बनाती हैं तो ऐसा परिणाम भुगतना ही पड़ता है। खैर..

हमलावर ने कहा है कि उसने Ebba का बदला लिया है।

Ebba एल गूंगी बहरी बच्ची थी जो स्कूल से आ रही थी, जो 7 अप्रेल 2017 के स्टॉकहोम हमले में मारी गई थी। यह वही वैन वाला हमला था जिसमें एक मुस्लिम शरणार्थी ने एक चुराई हुई वैन से लोगों को कुचल दिया था।

बधिर होने की वजह से Ebba को कोई शोर सुनाई नहीं दिया, वो अपने आप को बचा नहीं पाई।

उस समय आज का हमलावर भी यूरोप भ्रमण पर था। उसे यह घटना अंदर तक कचोट गई। उसे लगा कि Ebba की रक्षा क्यों नहीं की गई? क्यों उसे बेमौत मरना पड़ा? Just because इस्लाम को अन्य धर्म पसन्द नहीं! क्योंकि इस्लामी को जो शरण देता है इस्लाम उसी का शिकार करता है!

लगभग तीन महीने पहले वो स्वयं जब दिन ढले काम से वापस आ रहा था तो मस्जिद के पास कुछ मुस्लिम लोगों ने उससे अभद्रता की और मार पीट कर दी… उसके बाद उसका नज़रिया पूरी तरह बदल गया… और उसने ये रास्ता चुन लिया।

आसान भाषा में वो आदमी एक भटका हुआ आदमी है… उसको भटकाने के लिए ऊपर लिखी दो घटनाएं ज़िम्मेदार हैं, वो खुद नहीं ज़िम्मेदार है… अतः उस इंसान को दिल्ली लाना चाहिए और कुछ दिन सुधार गृह में रखना चाहिए…

एक साल बाद में उसको सिलाई मशीन और 20 हज़ार रुपये अरविंद केजरीवाल के हाथों मिलना चाहिए… उस भटके हुए व्यक्ति की देख रेख करना चाहिए, उससे बात करना चाहिए, बात करके उसका मन परिवर्तन करना चाहिए…

अगर उसके साथ ढंग से व्यवहार नहीं किया गया तो हो सकता है कि कुछ लोग और भटक जाएं जिससे क्राइस्टचर्च, ऑकलैंड, वेलिंगटन में पत्थरबाज़ी की घटनाएँ शुरू हो जाएँ… पत्थरबाज़ी रोकने के लिए उस आदमी के साथ अच्छा मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए…

उस व्यक्ति को गाँधी के आश्रम ले जाकर… वैष्णव जन तो तेने कहिए वाला भजन बार बार सुनाना चाहिए… हो सके तो उसको चरखा और कतली की तरफ आकर्षित कराना चाहिए… He chose to pick gun in depression, that is not his real nature.

शांति और वार्ता ही हर समस्या का हल है… क्योंकि लड़कों से गलतियां हो जाती हैं अतः उनको सज़ा नहीं देना चाहिए बल्कि उनकी गलती सुधारना चाहिए।

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