समस्‍या है झूठे नैरेटिव से

बात नैरेटिव की थी कि किस तरह से इतिहास को पढ़ाया गया। बातें बहुत हैं, पर जरा गौर कर देखिए कि क्‍या जिन लोगों की रूमानी छवि पेश की गई वह वाकई इस रूमानी छवि के लायक थे या यह हमारे लिए एक जाल था कि हम अपनी पहचान के बारे में, अपने इतिहास के … Continue reading समस्‍या है झूठे नैरेटिव से