पहला भाषण और झूठ से शुरुआत

सर्वप्रथम बधाई स्वीकार करें प्रियंका वाड्रा जी। पारिवारिक परंपरा की आप सुयोग्य वाहक हैं।

फैमिली फर्म में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अभी-अभी आपने पहला भाषण दिया और साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया कि आपके और राहुल गांधी के भाषणों का स्क्रिप्ट राइटर या घोस्ट राइटर एक ही है।

ढर्रा वही है। जुमलों और झूठ के मिश्रण से बनाया गया वह पेय जिसे पीने की वकालत कमलनाथ करते हैं। खैर।

देश का सौभाग्य है कि आपने हमें बताया कि भाईचारा बनाए रखना कितना ज़रूरी है। अब यह कहने की तो आवश्यकता भी नहीं कि इस भाईचारे को बनाए रखने का बोझ किसके कंधों पर है।

पहला भाषण हो और परंपरानुसार इसकी शुरुआत झूठ से न हो, ये असंभव है। तो आपने मोदी को उनके 15 लाख रुपए देने के वादे की याद दिलाई और पैसा मांग लिया।

काँग्रेसी पिछले पांच साल से मोदी से 15 लाख रुपए मांग रहे हैं। बकौल काँग्रेसी मोदी ने इसका वादा किया था।

लेकिन कहां और कब? ये काँग्रेसी आज तक नहीं बताते जैसे इसका खुलासा करते ही राष्ट्रीय सुरक्षा को घोर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। कोई वीडियो, कोई अखबारी कतरन, कुछ भी तो दिखाओ भाई जिससे यह साबित हो कि मोदी ने हर भारतीय को 15 लाख रुपए देने का वादा किया था।

मोदी ने 2013 में छत्तीसगढ़ के कांकेर में एक जनसभा में यह जरूर कहा था कि विदेशी बैंकों में यहां के (काँग्रेसियों के) इतने पैसे जमा हैं कि अगर वे वापस आ जाए तो हर भारतीय को 15 लाख रुपए मिल जाएं। यानी आ जाएं तो मिल जाएं तो मिल जाएं।

काँग्रेसियों ने प्रचारित कर दिया कि मोदी ने हर भारतीय को 15 लाख रुपए देने का वादा किया था। आज प्रियंका वाड्रा जी ने भी वह रकम वापस मांग ली।

तो हेकड़ी से पंद्रह लाख रुपए मांग रहे पीडियों के लिए मोदी के छत्तीसगढ़ के कांकेर में दिए गए इस भाषण का वीडियो पेश है –

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