बाल झड़ना रोकने का सबसे आसान और कारगर नुस्खा

जब भी कोई कलकत्ते की बात करता है न जाने क्यों वो जवाकुसुम के तेल की खुशबू मालूम नहीं कहा से हवा में तैरने लग जाती है।

जब दो लंबी चोटियाँ उसमें भीगी होती थी, तकिये पर पूरा का पूरा माथा छप जाया करता और नानी से उपहार स्वरूप मिलती डांट, कि चार दिनों में शीशी उड़ेल देती है।

किन्तु लंबी चोटियों के जूनून में डांट तो क्या पिटाई के लिए भी सहर्ष तैयार, किन्तु हाथ उठाते -उठाते रह जाती क्योंकि नानी की राजकुमारी जो थी, कभी किसी सखी के देखा-देखी नीचे से जरा कैंची क्या चला लेती तो दुगनी डांट के लिए तैयार – इन्हें पालती-पोसती, दही-छाछ, मन भर का तेल का नाश फिर काट कर फेंके देती है।

कभी छुपकर लट काटकर सड़क पर फेंकी तो सड़क पर तेल से भीगी लट की छाप और जवाकुसुम की सुगंध सो छुपाने की योजना भी विफल। बाल बढ़ाने व सुंदर बनाने का शौक बचपन में ही लग गया जो बाद तक रहा।

बाज़ार में अनेक शैंपू, तेल जो बड़े-बड़े दावे करते हैं कि फलां शैम्पू, फलां तेल लगाने से आपके बाल सुन्दर, काले और लंबे हो जाएंगे किन्तु मुझे बाज़ारू चीजों पर कभी विश्वास नहीं रहा। नानी घर में दही से बिलौना करके मक्खन घी बनातीं तो छाछ का बड़ा झावला भरा रहता और में नानी की डांट की परवाह किये बिना जग भर-भर कर स्नान-घर में ले जाकर उसमें कभी मुल्तानी मिट्टी कभी बेसन डालकर बाल धोती।

विवाह के बाद यह सभी सुविधा सासू मां के साथ मिलनी मुश्किल थी, सो आंवला रीठा पीसकर उस पाउडर को पानी में भीगोकर धोना शुरू कर दिया। उसके बाद मैने अपनी बेटी के भी बाल ऐसे ही नुस्खों से सुंदर बनाए।

तो मेरा तो यही मानना है कि त्वचा हो या बाल उन पर बाज़ारू चीज़ों का उपयोग न करे तो अच्छा रहता है, इसके दो लाभ भी है एक तो इनके रासायनिक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचना दूसरे आपका पैसा भी खराब नहीं होता।

तो अधिकांश सखियों की समस्या है बालों का गिरना, बाल झड़-झड़ कर एकदम पूंछ रह जाना। वैसे तो साल में एक बार तो बाल झड़ते ही है उसमें चिंता करने की बात नहीं क्योंकि झड़कर फिर नये बाल आते है, यह प्रक्रिया चलती रहती है ।

किन्तु समस्या बारहो मास रहे तो उसके लिए मेरा खुद का आजमाया नुस्खा है जो मुझे कारगर लगा, वो सस्ता और आसानी से उपलब्ध है सभी के लिए।

आप कम से कम दो नींबू का रस लें या एक आध और भी ले सकते हैं अपने बालों के अनुसार, फिर उसमें नारियल का तेल मिलाएं, तेल रस से आधा लें, इन दोनों को प्याले में लेकर अच्छे से मिलाएं, फिर अपनी उँगलियों के पोरों से सिर की त्वचा पर लगाएं, बालों में लगे न लगे कोई खास बात नहीं किन्तु जड़ों में लगाना आवश्यक है।

फिर कम से कम एक या डेढ़ घंटे के लिए यूं ही छोड़ दें, फिर आप सिर को हल्के हाथों से धो लें, शैंपू हार्ड नहीं होना चाहिए कोई माइल्ड शैंपू का प्रयोग करें, अच्छा तो है किसी हर्बल से धोएं [जैसे आंवला, रीठा या बेसन में दही मिलाकर धोएं।]

फिर बालों को सूखने दें कभी गीले बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए व जोर-जोर से बाल रगड़े नहीं, खासकर उन दिनों जब झड़ रहे हो।

यह प्रयोग आप कुछ दिन के लिए एक दिन छोड़कर एक दिन करें तो बाल झाड़ने की समस्या का समाधान हो जाएगा।

हाँ यदि कोई अंदरूनी रोग है या भोजन पर्याप्त मात्रा व संतुलित नहीं है तो उस ओर ध्यान धरे।
सभी के लिए शुभकामना कि आपकी समस्या ठीक हो जाए।

– इंदु भारद्वाज

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