इससे पहले नहीं रुकना! इससे पहले नहीं थकना! इससे पहले पसीना नहीं पोंछना!

मित्रों, दो दिन पहले अवि डांडिया नामक एक व्यक्ति का whatsapp ऑडियो प्राप्त हुआ। संभवतः आपको भी यह मिला हो।

इस ऑडियो में यह व्यक्ति पुलवामा आतंकी हमला और पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना के किये गए आक्रमण पर सवाल उठाता दिखाई दे रहा है। इसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तथा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी डब्ड आवाज़ें एक स्त्री की आवाज़ के साथ सुनाई दे रही हैं।

ऑडियो के अनुसार भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इन दोनों घटनाओं के लिये ज़िम्मेदार है। ऑडियो को थोड़ी सी भी सावधानी से सुनें तो पता चल जाता है कि इसमें रिकॉर्ड की गयी आवाज़ें विभिन्न पृष्ठभूमि की हैं। जिसमें कट-पेस्टिंग आसानी से पकड़ आ रही है।

वीडियो में यह धमकी भी दे रहा है कि भाजपा वाले उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते कि इस वीडियो की प्रतिलिपियां आठ लोगों के पास सुरक्षित हैं। जिनमें इसके कथनानुसार दो मुसलमान, दो सिक्ख, एक सरदार भी हैं।

ऐसे विकट दावा करने वाले भारतीय मूल के किसी व्यक्ति के इतने बांगड़ू होने की अपेक्षा नहीं की जा सकती कि उसे दो सिक्ख, एक सरदार के एक ही होने का न पता हो। बनाने वालों ने यह वीडियो बहुत हड़बड़ी में बनाया है।

ज़ाहिर है कि इसे बना कर तुरंत रिलीज़ करना आवश्यक था कि तीन-चार दिन बाद यह तथाकथित रहस्योद्घाटन किसी काम का नहीं रहता। बनाने वाले अपनी इस मूर्खता पर अब जैसे चाहे सर पीटें मगर हेकड़ी से बोलने वाले के ध्यान में इतनी बड़ी चूक का न आना बांगड़ूपन का प्रबल प्रमाण है। यह व्यक्ति यह भी दावा कर रहा है कि आगे वो काँग्रेस की भी पोल खोलेगा।

सुनिश्चित जानिए कि यह हवाई दावा है और स्वयं को तटस्थ और निष्पक्ष ज़ाहिर करने के लिए किया गया है। कांग्रेस की पोल खोलने वाला ऐसा कोई वीडियो नहीं आने वाला।

इसके दो कारण हैं। पहला, पूरी संभावना है कि यह ऑडियो पाकिस्तानी एजेंसियों की छत्रछाया में ही बना हो। उन्हीं से ऐसी बेवक़ूफ़ी की चूक हो सकती है कि दो सिक्ख और एक सरदार एक वाक्य में ही कहलवा दें। उनकी दृष्टि में इससे भारत सरकार और भाजपा पर भारत में ही दबाव बनेगा और वो कोई अगला तेजस्वी प्रहार नहीं कर पायेंगे। इससे मूल पापी पाकिस्तान से भी दबाव हटेगा।

दूसरे, काँग्रेस की पोल खोलने वाला कोई ऑडियो इस कारण नहीं बन सकता कि उनका पिछले दस साला का सारा किया-धरा राष्ट्र के सामने पहले ही है। CAG की रिपोर्ट्स, अभी भी थोड़ी बची स्वतंत्र पत्रकारिता के चलते महारानी और राजकुमार की सारी करतूतें राष्ट्र के मानस-पटल पर पहले ही हैं।

मोदी सरकार अपने आप थोड़े ही आ गयी। इसे लाने के लिए दस साल तक माता-पुत्र सहित काँग्रेस के नेताओं ने रात-दिन घोर परिश्रम किया। ऊपर से सोशल मीडिया कोढ़ में खाज की तरह हर करतूत को कथकली नृत्य की तरह दिखाता-दुहराता रहता है।

ख़ैर वीडियो पर लौटते हैं। अवि डांडिया का एक ऐसा ही शेखचिल्लीपन से भरा वीडियो पहले डिमॉनीटाइज़ेशन पर भी आया था। सबने उसकी इस लिये अवहेलना कर दी कि ऐसी ही शेखचिल्लीपन की हरकतें स्वनामधन्य पप्पू महाशय भी कर रहे थे।

आप लोगों को ध्यान होगा कि ब्लैक कैट कमांडो से घिरे पप्पू लाइन में लगे और पाँच हज़ार रुपये के पुराने नोट बदलवा कर नए नोट लहराते हुए प्रेस के सामने अवतरित हुए और फिर तुरंत राशन की लाइन में लग कर अपने अत्यंत निर्धन किसान बहनोई-बहन के भूख से व्याकुल बच्चों के लिये अनाज खरीद कर घर लौटे। राजमाता ने पुरानी फिल्मों की निरुपा रॉय का सा रोल निभाते हुए फटी धोती के आंचल से राजकुमार के माथे का पसीना पोंछा और इतालवी हिंदी में पूछा “तूमने चिकेन भरगर खाया कि नहीं?”

बंधुओं, चुनाव की घोषणा होने वाली है। पाँच साल पहले सत्ता के वातानुकूलित सिंहासन-कक्ष से निकाल बाहर कर दिए गए भारत के तथाकथित प्रथम परिवार और उसकी छत्रछाया में आनंद मंगल मंगलम की तुरही बजाने वाले सत्ता-च्युति से तिलमिलाते घूम रहे हैं।

उनके लिये यह करो या फिर पाँच साल जूतियाँ चटखाते फिरो की घड़ी है। बुरे, गंदे, भद्दे, अशिष्ट बल्कि कमीनपन तक के सारे दाँव-पेंच चले जायेंगे। तर्क से ले कर वितंडा का हर पैंतरा आज़माया जायेगा। कोई आश्चर्य मत कीजियेगा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के चरित्र को ध्वस्त करने वाली फ़र्ज़ी CD उतार दी जायें। किसी की भी आवाज़ में घूसख़ोरी, बेईमानी के ऑडियो whatsapp से वायरल कर दिये जाएँ।

यही सत्य-निष्ठा की परीक्षा की घड़ी होगी। हर बात को तर्क की कसौटी पर कसना होगा। सत्य के सूर्य को किसी भी मायाजाल से ढका नहीं जा सकता। थोड़ा सा भी सावधान रहे तो ऐसी ही “दो सिक्ख, एक सरदार” जैसी कोई बात पकड़ में आ जाएगी।

ध्यान रहे इस बार ध्येय वाक्य “अबकी बार चार सौ पार” है। इससे पहले नहीं रुकना। इससे पहले नहीं थकना। इससे पहले पसीना नहीं पोंछना। यह राष्ट्रोत्थान के महायज्ञ में स्वयं को समिधा बनाने की बेला है।

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