सीनेट में एक मौलाना ने इमरान को दे दिए सारे ‘सर्टिफिकेट’

पाकिस्तान के फ़ैज़ाबाद में 2017 में हुए प्रदर्शनों पर स्वतः वहां के सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया था जिस पर 6 फरवरी को फैसला सुनाते हुए जस्टिस काज़ी फैज़ ईसा और जस्टिस मुशीर आलम की पीठ ने कहा – “हम संघीय और प्रांतीय सरकारों को आदेश देते हैं कि घृणा, चरमपंथ और आतंकवाद की वकालत करने वालों पर मुकदमा चलाया जाये।”

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सेना, ISI और अन्य सभी सरकारी संस्थाओं को आदेश दिया कि वो कानून के दायरे में रह कर काम करें और उनकी किसी तरह की सियासी गतिविधियों में शामिल होने पर पाबन्दी लगा दी।

उपरोक्त प्रदर्शन कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान (TLP) और दूसरे समूहों द्वारा किया गया था।

इमरान खान और सेना के बीच सांठगांठ के आरोप लगे थे जिन्हे दोनों ने ख़ारिज कर दिया, मगर सुप्रीम कोर्ट ने सेना की सरकार में दखल पर रोक लगाने के आदेश दे दिए।

सेना ऐसे आदेश पर अमल करे ये संभव ही नहीं है। क्यूंकि बिना सरकार में हुकुम चलाये तो सेना और ISI का हाज़मा ठीक रह ही नहीं सकता।

14 फरवरी, ठीक 8 दिन बाद इमरान खान ने अपने सुप्रीम कोर्ट को आँख दिखाते हुए पुलवामा में आतंकी हमला करवा दिया और 42 भारतीय जवानों को हलाक कर दिया।

आज शाह महमूद कुरैशी ने जैश की वकालत करते हुए कहा है कि पुलवामा में उसका हाथ नहीं है।

सारी दुनिया ने पाकिस्तान को गुनहगार माना है फिर पाकिस्तान किसे बेवकूफ बना रहा है!

पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट स्वतः ही वहां पल रहे आतंकवाद को प्रमाणित कर रहा है, अपने फैसले में इमरान सरकार को हिदायत दे रहा है कि आतंकवाद पर लगाम लगाओ।

फिर तुम पर कौन यकीन करेगा भारत में तुम्हारे दलालों को छोड़ कर और हमारे देश के ‘बौद्धिक आतंकियों’ को छोड़ कर जिन्हें तुम्हारे बरबाद होने की चिंता है।

एक वीडियो आया है जिसमें पाकिस्तान की सीनेट में एक बुज़ुर्ग मौलाना कह रहे हैं –

“कल की जो प्रेस कॉन्फ्रेंस थी, उसमें हमारे प्राइम मिनिस्टर साहब, प्राइम मिनिस्टर कम ‘गुंडा’ ज्यादा लग रहे थे।”

स्पीकर ने ‘गुंडा’ शब्द हटवा दिया।

तो, उन्होंने कहा – “प्राइम मिनिस्टर कम, ‘बदमाश’ ज्यादा लग रहे थे।”

स्पीकर ने ‘बदमाश’ भी हटवा दिया।

फिर मौलाना ने कहा – “प्राइम मिनिस्टर कम, ‘दहशतगर्द’ ज्यादा लग रहे थे।

स्पीकर ने कहा प्राइम मिनिस्टर के लिए ये अल्फ़ाज़ भी ठीक नहीं है, इसे भी हटा दो।

तब मौलाना ने कहा – “प्राइम मिनिस्टर कम ‘U-Turn’ ज्यादा लग रहे थे।

मगर हमारे भारत में कुछ खब्ती हैं जिनमें एक नया नाम जुड़ा है मार्कंडेय काटजू का जो इमरान पर फिदा हो रहे हैं, जबकि इमरान की औकात उसे एक मौलाना ने सीनेट में बता दी।

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