एक हमारा मूल चरित्र है हिंदुत्व का, और एक उनका मूल चरित्र है @#$ का!

गत 27 फरवरी को विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने एक इतिहास रच दिया।

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान एक practising Jain परिवार से हैं और उनका नाम दो जैन तीर्थंकरों, भगवान अभिनंदन और भगवान वर्धमान के नाम पर है।

जिस आदमी ने जीवन में चींटी नहीं मारी वो उस दिन भारत माँ की रक्षार्थ मिसाइल मार रहा था… बहरहाल…

27 फरवरी को पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) के 12 विमान भारतीय वायु क्षेत्र में दाखिल हुए… वहां मंडरा रहे एक AWAC ने उन्हें spot किया और उसकी चेतावनी पर अवंतीपुरा और आसपास के अन्य bases से हमारे aircrafts ने scramble किया।

इस बेड़े में Mig21 के अलावा सुखोई और मिराज सब थे, पर इत्तेफ़ाक़ से Mig21 में विंग कमांडर अभिनंदन सबसे नज़दीक थे।

पाकी बेड़े में F16 के अलावा मिराज और JF17 कुल 12 विमान थे… विंग कमांडर अभिनंदन ने जिस F16 को Lock On किया उसे PAF के एक बड़े ही decorated Wing Commander Shahzaz Ud Din उड़ा रहे थे।

जिस समय दोनों का आमना सामना हुआ, पाकिस्तानी F16 15000 फ़ीट की ऊंचाई पर था और हमारा Mig21 9000 फ़ीट की ऊंचाई पर।

अभिनंदन ने बेहतर निशाना लगाने के लिए dive किया और F16 बचने के लिये ऊपर भागा 26000 फुट पर…

अभिनंदन ने नीचे से ही 60° पर lock करते हुए VYMPEL- R-73 missile दागी जिसने उसे हिट कर दिया… इसी Dog Fight में हमारा Mig21 भी हिट हो गया… दोनों विमानों का मालवा POJK में गिरा… दोनों पायलट Eject कर गए… दोनों ने POJK में land किया…

आज पूरी दुनिया में तहलका मचा हुआ है… F16 की Mig21 से कोई तुलना नहीं। इनका मुक़ाबला ऐसा जैसे BMW के सामने Maruti 800… और दुनिया आश्चर्य चकित है कि Mig21 से F16 मार दिया!!! ऐसा कौन है भैया???

उधर F16 बनाने-बेचने वाले शर्म से मरे जा रहे हैं, दुनिया में मुंह छिपाने को जगह नही मिल रही…

अब विडंबना देखिये… एक उनका गिरा एक हमारा गिरा… हमने तुरंत स्वीकार कर लिया कि हमारा गिरा… उन्होंने आज तक ना किया… वे कहते हैं , हमारा है ही नहीं, हमारा F16 तो उड़ा ही नहीं…

वहीं हमारा पायलट विंग कमांडर अभिनंदन शत्रु के क्षेत्र में गिरा, दुश्मन के लोगों ने पीटा, जबकि उनका अपने घर में गिरा और अपने ही लोगों ने पीट पीट के मार दिया…

जी हाँ, बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि एक सैनिक अपने देश की सेवा करता मारा गया पर उसकी सरकार ने आज तक उसकी शहादत को स्वीकार ही नहीं किया?

उधर हमारा शेर, हमारा हीरो आज विजयी होकर, इतिहास बना के लौट रहा है और पूरा देश पलक पाँवड़े बिछाए इंतज़ार कर रहा है… उधर विंग कमांडर Shahzaz Ud Din को कायदे से हीरो का दर्जा तो क्या, आधिकारिक जनाजा और मय्यत तक नसीब नहीं… जबकि दोनों अपनी मातृभूमि की सेवा करते गिरे।

आखिर ये अंतर क्यों?

एक हमारा मूल चरित्र है… हिंदुत्व का…

एक उनका मूल चरित्र है… इस्लाम का!

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