पाकिस्तान द्वारा अभिनंदन को लौटाना, ये है नए भारत की दहशत

अभी मैं पाकिस्तानी चैनेल जियो न्यूज़ देख रहा था, जिसमें पाकिस्तानी एंकर खुश होकर बता रही थी कि, “विंग कमांडर अभिनन्दन को छोड़ने के मुद्दे पर भारत में बहुत से लोग, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्णय पर बहुत प्रशंसा कर रहे हैं।”

जरा सोचिये कि भारत में बैठे किन तरह के लोग पाकिस्तान के ऊपर खुश होकर लहालोट हो रहे हैं? ज़रा सोचिये कि यह फिर से “सियार की तरह डर कर मुँह छिपाते पाकिस्तान” को ‘साइकोलॉजिकल विन’ यानि कि मनोवैज्ञानिक जीत देने की कोशिश नहीं है?

यह पाकिस्तान ‘अमन पसंद’ है? यह शांतिप्रिय है?

ज़रा दिमाग पर जोर देकर याद करिए कि ये वही पाकिस्तान है जिसके सैनिकों ने हमारे हुतात्मा सैनिक हेमराज का सिर काटकर उससे फुटबॉल खेला था।

कैप्टन कालिया को मारने से पहले कितना तड़पाया गया था? उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर के शव को किस हालत में पाकिस्तान ने लौटाया था?

कितनी घटनाएं गिना कर आपकी याददाश्त वापस लाऊं?

अभी भी यह लिखते समय भी बॉर्डर पर पाकिस्तान गोले बरसा रहा है, कुपवाड़ा में मुठभेड़ में अभी कुछ मिनट पहले ही CRPF के 4 और जवान हताहत हो गए हैं।

यहाँ पर कहाँ गई पाकिस्तान की अमनपसंदी? अगर दोगला पाकिस्तान का दिल इतना ही बड़ा है तो, यह सब अभी भी क्यों हो रहा है?

इमरान को पप्पियाँ भेजने वाले दोगलों को याद दिला दूँ कि ‘पाकिस्तान द्वारा अभिनंदन को लौटाना’, ये नए भारत की दहशत है, ये अब बनी रहेगी। ये नए भारत का सामरिक और कूटनीतिक जलवा है, और अब ये बरकार रहेगा।

सबको यह भी याद रहेगा कि पहले की सरकारें किस तरह अमेरिका-रूस के सामने जा कर गिड़गिड़ाया करती थीं पाकिस्तान के मामले में, और ‘आज’ संसार के सर्वाधिक शक्तिशाली देश का सर्वाधिक ताकतवर इंसान (राष्ट्रपति ट्रंप) भारत की तरफ से कमेंट्री कर रहा था।

ये है नए भारत की हनक!

पहले भी यही हालात थे, बस उस समय सरकार कायरों और लुटेरों की थी! बस इतना ही अंतर हुआ है।

अच्छा, जियो चैनेल पर ही उसके एंकर को अंत में मैंने यह कहते हुए भी सुना कि… अभिनन्दन को वापस कर देने से दुनिया देख रही है कि पाकिस्तान कितना अमन पसंद हैं, और भारत जंग के लिए कितना जुनूनी।

बस, इतना सुनते ही मेरे पूरे पैसे वसूल हो गए।

“भारत जंग के लिए जुनूनी हो उठा है” इतना सुनते ही मेरी बाँछें खिल उठीं। यह बात अब सारी दुनिया को याद रखना चाहिए कि, “हाँ, अब भारत घर में घुस कर मारेगा। जिसको जुनूनी कहना है, सनकी कहना है, कहता रहे। गिड़गिड़ाने वाली इमेज की जगह यह ‘जंग का जुनूनी भारत’ वाली इमेज मुझे पसंद है।”

और जिन लोगों को अभी भी यह लग रहा हो कि यह सब सिर्फ़ चुनावी स्टंट है, उनको सनद रहे कि अब शेर के मुँह खून लग गया है। अब पिंजरे के शेर को शिकार करने के लिए आज़ाद कर दिया गया है।

पाकिस्तान के डर को छिपाते हुए उसकी प्रशंसा करने वाले, हमारे ही घर में घुस कर बैठे आस्तीन के साँपों, नंबर तुम्हारा भी आएगा जल्दी ही।

इलाज सबका होगा, बराबर होगा… सनद रहे!

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