एक-दूसरे के कंधे पर सर रखकर अब रो रहा है पाकिस्तान और भारतीय विपक्ष

आतंक के आका पाकिस्तान ने 30 बरस से भारत के खिलाफ छद्म युद्ध किया हुआ है और पुलवामा में भीषण गुनाह किया जिसकी सज़ा मोदी की एक मज़बूत सरकार ने देकर उसे शर्मनाक हार दी है।

आज देश में जात-पात का ज़हर जैसे खत्म हो गया है और सारा देश सेना के पीछे चट्टान की तरह खड़े मोदी के साथ हो गया जो सेक्युलर दलों के लिए खतरे की घंटी है।

नरेंद्र मोदी के पीछे खड़े देश को देख कर काँग्रेस और विपक्ष ने चुनाव में अपनी हार मान ली है।

अब सामने हार देखने वाला विपक्ष और हारा हुआ पाकिस्तान दोनों एक दूसरे के कंधे का सहारा बनने की कोशिश कर रहे हैं।

काँग्रेस समेत 21 दल ICU में पड़े पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गाँधी ने सभी 21 दलों की तरफ से बयान दिया कि मोदी सरकार जवानों की हत्या पर राजनीति कर चुनाव में फायदा उठाना चाहती है।

विश्व में पूरी तरह अकेले हो चुके पाकिस्तान के लिए राहुल गाँधी के बयान ने संजीवनी का काम किया और वो इस बयान का सहारा ले कर मोदी की मुखालफत कर रहे हैं।

जवानों की नृशंस हत्या और उस पर बदला लेने पर विपक्ष ने खुद बराबर राजनीति करते हुए मोदी को घेरने की कोशिश की जिससे चुनाव में उनके खिलाफ माहौल तैयार कर सकें।

मगर देश तो मोदी के साथ खड़ा हो गया क्यूंकि उनकी राजनीतिक दृढ़ता ने पाकिस्तान को नाकों चने चबवा दिए और उसे घुटनों पर ला दिया।

हर देशवासी, चाहे वो किसी जाति का हो, किसी संप्रदाय का हो, किसी वर्ग का हो, गरीब हो, अमीर हो, किसान हो या मज़दूर हो आज मोदी के साथ खड़ा है और पाकिस्तान को सबक सिखाने से खुश है।

और सबसे बड़ी बात सेना के जवान चाहे सर्विस में हैं या रिटायर्ड हैं, मोदी से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उनकी दिल से प्रशंशा कर रहे हैं।

पाकिस्तान को आज समझ आया है कि भारत में मनमोहन सिंह नहीं, मोदी हैं जो उन्हें छोड़ेगा नहीं। पाकिस्तान को मोदी ने दुनिया भर में अकेला कर दिया।

लोग कह रहे हैं पाकिस्तान चारों तरफ से घिर गया है… मगर उन्हें नहीं मालूम, पाकिस्तान भले ही अकेला हो गया हो मगर उसके साथ आज भी काँग्रेस और भारत का विपक्ष खड़ा है… डूबते पाकिस्तान को राहुल और विपक्ष का सहारा है।

कहते हैं जिसका कोई नहीं होता उसका ईश्वर होता है लेकिन पाकिस्तान के मामले में उल्टा है। जब पाकिस्तान का कोई नहीं है तो उसे केवल काँग्रेस का सहारा है।

पाकिस्तान और काँग्रेस की हालत देख कर मुझे दो भिखारियों की दशा याद आती है।

एक बूढ़ा भिखारी चलने फिरने में कमज़ोर, दूसरे में थोड़ी सी ज्यादा ताकत। वे भिखारी एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रख कर चलते हुए भीख मांगते है।

आगे वाला बोलता है – बाबा भगवान् के नाम पे दे दे, और पीछे वाला बोलता है – अल्ला के नाम पे दे दे।

अब आगे और पीछे वाला भिखारी कौन है, आप तय कर लीजिये। काँग्रेस आगे है और पाकिस्तान आगे है, या काँग्रेस पीछे है और पाकिस्तान पीछे है।

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