पाकिस्तान, और भारत में बैठे उसके हमदर्दों ने मोदी को आंकने में फिर कर दी ग़लती

यूँ तो क्रिकेट के मैदान में 11-11 खिलाड़ी खेलते हैं लेकिन अस्सी, नब्बे के दशक में जब इमरान खान पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए खेला करते थे तब कोई भी टीम अगर पाकिस्तान में खेल रही होती थी तब पाकिस्तान की टीम से ’13 खिलाड़ी’ खेला करते थे।

ये दो ‘अतिरिक्त खिलाड़ी’ होते थे पाकिस्तान के अंपायर! एक नाम शकूर राणा आज भी बहुत लोगों को याद होगा।

पाकिस्तान के ये अंपायर पूरी बेशर्मी के साथ मैदान पर पाकिस्तान के पक्ष में फैसले दिया करते थे। अगर विपक्षी टीम भारत हो तब तो उनका ये पक्षपात पूर्ण रवैया अपने उफ़ान पर होता था।

कितने ही मैचों में पाकिस्तान के अंपायर गलत फैसले देते थे और क्रिकेट नियमों में बंधे खिलाड़ी कुछ सेकंड के लिए क्रीज़ पर रुककर अपना विरोध जताकर पैवेलियन लौट आते थे।

इसी कारण बहुत सी टीमों ने पाकिस्तान में जाकर खेलने से अरुचि दिखानी शुरू की। क्रिकेट में पहले तटस्थ अंपायर यानी जब दो देश खेल रहें हों तो किसी अन्य देश का अंपायर और फिर तीसरे अंपायर की शुरुआत भी इन्हीं कारणों से करनी पड़ी थी।

पाकिस्तान में असुरक्षा के कारण भी बहुत सी टीमें खेलने में कतराती ही थीं। श्रीलंकाई टीम पर हुए आतंकी हमले के बाद तो पाकिस्तान में क्रिकेट बंद ही हो गया क्योंकि विश्व की सभी टीमों ने पाकिस्तान में जाकर खेलने से मना कर दिया।

बेईमानी, आतंक का पाकिस्तान के साथ चोली दामन का साथ रहा है। झूठ बोलना, बेईमानी करना, आतंकवादियों को तैयार करना, उन्हें पनाह देना ये पाकिस्तान की पहचान है।

अमेरिका का सबसे बड़ा शत्रु ओसामा बिन लादेन भी पाकिस्तान में ही छिपकर बैठा था, पाकिस्तान ने उसे शरण दे रखी थी। अमेरिका ने मारा लेकिन बावजूद इसके पाकिस्तान पर कोई कार्रवाई अमेरिका ने नहीं की थी क्योंकि तब भारत और चीन पर दबाव बनाए रखने के लिए अमेरिका पाकिस्तान का इस्तेमाल करता था।

हमारा तब का कमज़ोर नेतृत्व अमेरिका के सामने केवल गिड़गिड़ाते रहने के अलावा कुछ नहीं कर पाता था और अमेरिका भी पाकिस्तान का ही पक्ष लिया करता था।

आज मज़बूत नेतृत्व के कारण अमेरिका सहित पूरा विश्व भारत के साथ खड़ा है। इज़राइल ने साफ साफ कह दिया है कि वो भारत के साथ है और इसकी कोई सीमा नहीं होगी। यहाँ तक कि पाकिस्तान का हमेशा साथ देने वाला चीन भी इस बार उसके साथ नहीं है।

आज भारत दहाड़ रहा है, पाकिस्तान में घुसकर पाकिस्तान को मार रहा है। पाकिस्तान के साथ साथ भारत में बैठे उसके हमदर्दों को भी दर्द हो रहा है।

सच्चाई ये है कि युद्ध लड़ने के लिए पैसा, ताक़त और समर्थन आज पाकिस्तान के पास नहीं है। पैसा तो कभी नहीं था ये बात पाकिस्तान अच्छी तरह से जानता है लेकिन हमारी पहले की सरकारें केवल संबंध सुधारने, कश्मीर मसले को हमेशा उलझाए रखने के नाम पर देश और सेना का जमकर नुकसान किया है।

पहले की सरकारों ने पाकिस्तान को आँख दिखाने की बजाय भारत को पाकिस्तान के पास परमाणु बम होने का डर दिखाया।

सच्चाई ये है कि शेर की खाल ओढ़े भेड़िये पाकिस्तान ने और भारत में बैठे उसके हमदर्दों ने मोदी को आँकने में फिर ग़लती कर दी। उन्हें अंदाज़ा ही नहीं था कि भारत हवाई हमला भी कर सकता है।

आज भारतीय सेना का मनोबल बहुत ऊंचा है। सेना, सरकार और पूरा देश एकजुट है।

मोदी ने कहा भी था कि पाकिस्तान को जो भाषा समझ आती है उसी में जवाब देना होगा और दो बार देकर बता भी दिया। अब पाकिस्तान को भारत के सामने झुकने के सिवाय कोई चारा नहीं है।

‘मोदी है तो मुमकिन है’

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