तुमने तो मोदी से लड़ाई को देश से लड़ाई में बदल दिया, अब मोदी टीम में है पूरा देश

जिन दिनों साल में दो या तीन धर्मयुग के क्रिकेट विशेषांक आया करते थे, तभी यह पढ़ा था… पूरी डिटेल याद नहीं है, पर इतना याद है कि टीम थी ऑस्ट्रेलिया, और सामने था युवा बल्लेबाज क्लाइव लॉयड।

लॉयड तब हुक शॉट्स बहुत अच्छा खेलता था। यह शॉट उसकी ताकत भी थी, कमज़ोरी भी।

ऑस्ट्रेलिया की पेस बैटरी खतरनाक थी। जब लॉयड खेलने आया तो कैप्टेन ने एक स्क्वायर लेग लगाया और बॉलर को राउंड द विकेट से बाउंसर डालने को कहा।

लॉयड ने आदत के हिसाब से हुक किया। शॉट मिसटाइम हो गया। बॉल खूब ऊपर गई पर ठीक बाउंडरी के बाहर गिरी। छह रन मिले।

पर बॉलर का उत्साह कम नहीं हुआ। उसने फील्डर को डीप स्क्वायर लेग बाउंडरी पर भेज दिया और अगला बाउंसर डाला।

लॉयड ने फिर हुक किया और इस बार शॉट पूरी तरह से मिसटाइम हो गया। बॉल हैंडल और ग्लव्स पर लगी, ऊँची उठी पर फाइन लेग बाउंडरी से बाहर चली गयी, चार रन के लिए।

कैप्टेन ने बॉलर से बात की, एक और फील्डर फाइन लेग पर लगाया और फिर बाउंसर डाला।

लॉयड ने फिर हुक किया, और इस बार… शॉट मिसटाइम नहीं हुआ। गेंद गई स्टेडियम से बाहर, और दुनिया ने सबक सीखा – क्लाइव लॉयड को बाउंसर नहीं डालते… कोई फायदा नहीं है… शॉट मिसटाइम होता है तो चौका जाता है, गेंद बल्ले पर आती है तो स्टेडियम से बाहर।

कैप्टन ने बॉलर को फिर से ओवर द विकेट बुलाया, और फील्डर को वापस ऑफ साइड में। उसके बाद किसी ने और बाउंसर नहीं डाले।

मियाँ इमरान! तुमने फाइन लेग और स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अपनी फील्डिंग लगाई है… लश्कर-ए-मीडिया और काँग्रेसियों को शोर मचाने के लिए खड़ा किया है।

और अपनी समझ से तुमने तो पुलवामा अटैक को बाउंसर समझ के ही डाला था। पर मोदी का शॉट बल्ले के बीच में आया और बॉल गई स्टेडियम से बाहर।

काँग्रेसियों, अब से भी अपनी लाइन लेंथ सुधार लो… ओवर द विकेट आ जाओ बेट्टा, और बॉल ऑफ स्टंप पर रखो। अच्छे जा रहे थे, इकॉनमी और एम्प्लॉयमेंट की लाइन पर।

बन्दा रन तो वहाँ भी बना रहा था, पर सिंगल और डबल में… इस लाइन पर बाउंडरी मारने का स्कोप कम है। एक ओवर बजट का खराब क्या गया, तुम तो कमीनेपन और हरामज़दगी पर उतर आए, बॉडी-लाइन करने लगे।

आतंकी हमला विपक्ष का बाउंसर है। पर यह नहीं समझते कि इसके साथ तुमने मोदी से लड़ाई को देश से लड़ाई में बदल दिया है… और अब पूरा देश मोदी की टीम में है।

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