मजबूर नहीं, मज़बूत नेता हैं मोदी

How is the Josh – Very High and,
How is the Jaish – its now Ash.

पाकिस्तान और भारत में उसके चाहने वालों को आज पता चल गया होगा कि नरेंद्र मोदी कोई मजबूर नेता नहीं बल्कि इच्छाशक्ति से भरपूर एक मज़बूत नेता हैं।

26/11 के बाद हम सबूत देते रह गए लेकिन 14/2 के लिए आज पाकिस्तान को उसके पापों का फल उसके घर में घुस कर 26/2 को दे दिया।

आज एक बार फिर साबित किया नरेंद्र मोदी ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद, कि देश उनके हाथों में सुरक्षित है।

इसलिए मोदी देश को फिर चाहिए अपनी ही सुरक्षा के लिए। आज तो हमें लगा जैसे एक बार फिर से 15 लाख मिल गए।

मगर राहुल गाँधी, ममता, अखिलेश अन्य विपक्षी नेता, एयर फ़ोर्स के पायलटों को तो सैल्यूट कर रहे हैं मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक नेतृत्व की तारीफ करते हुए उनकी जुबान को लकवा मार गया।

आखिर क्यों?

क्योंकि जो आग देश के दिल में थी वो आग मोदी के दिल में भी थी मगर विपक्ष के नेताओं के दिलों में नहीं थी।

गाँधी परिवार और अन्य दलों को (जो उस वक्त कांग्रेस में थे) क्या लगता है कि मोदी का 40 जवानों की हत्या का बदला लेने में कोई योगदान नहीं है, बस वायुसेना के जवानों की ही करामात है।

तो फिर आज खुल कर मान लीजिये कि 1971 के युद्ध में इंदिरा गाँधी का कोई योगदान नहीं था, जो कुछ किया था वो सेना ने किया था। 1971 की जीत केवल सेना की जीत थी!

ज़रा सोचिये, अगर आज के मिशन में कुछ 19-20 हो जाता, कुछ ऊंच-नीच हो जाती, कुछ गड़बड़ हो जाती तो क्या विपक्ष मोदी के कपडे नहीं फाड़ देता? मगर अब उनकी राजनीतिक इच्छाशक्ति को नकार रहा है!

पाकिस्तान को समझने की जरूरत है कि जो आतंकी वो पाल रहा है वो, उसके लिए ‘भस्मासुर’ हैं जो उसको ही नष्ट कर देंगे या उनकी वजह से ही पाकिस्तान नष्ट हो जायेगा।

उन नासूरों से उसे मुक्ति पा लेनी चाहिए वरना इस विश्व को ‘पाकिस्तान मुक्त’ बनने में अब देर नहीं है। उसे भारत द्वारा वांछित आतंकी चुपचाप भारत को सौंप कर चैन की बंसी बजानी चाहिए।

आज इमरान खान को टैग करते हुए ये 2 ट्वीट्स किए हैं –

“इमरान खान और भारत में उसके साथी समझ लें। मोदी है तो मुमकिन है। और मोदी को फिर से लाएंगे। मोदी फिर से आएगा। पाकिस्तान मुक्त विश्व बनाएंगे।”

“पाकिस्तान को अल्टीमेटम दीजिये प्रधानमंत्री मोदी जी। हाफिज़ सईद, सईद सलाउद्दीन, मसूद अज़हर, ज़की उर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम को 24 घंटे में भारत के हवाले कर दे वरना भारत उन्हें मौका मिलते ही पकड़ने या मारने के लिए स्वतंत्र होगा।”

इब्तदा-ए-इश्क़ है रोता है क्या,
आगे आगे देखिये होता है क्या।

मोदी है तो ही मुमकिन है।

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