सरकारी एप से बीबियों की जासूसी कर रहे हैं सऊदी के लोग

महिलाओं को अधिकार देने और लैंगिक असमानता दूर करने के दावे करने वाली सऊदी अरब सरकार के दावों की पोल खुल गई है। यहां गृह मंत्रालय ने एक ऐसा एप तैयार किया है, जिसकी मदद से पुरुष अपनी पत्नियों की निगरानी कर सकते हैं। इसकी मदद से व्यक्ति एक बटन दबाकर अपनी पत्नी की यात्रा प्रतिबंधित कर सकता है।

जहां दुनिया भर में तकनीक के इस्तेमाल से जीवन आसान हो रहा है, वहीं सऊदी अरब में ये तकनीक महिलाओं की परेशानियां और बढ़ा रही है। एबसर नामक यह ऐप गूगल और ऐपल के प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं। लॉन्च होने के बाद से ही यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर 10 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

निःशुल्क उपलब्ध एबशर एप के जरिये पुरुषों को यह अधिकार दिया गया है कि वे जब चाहें अपनी पत्नी या महिला रिश्तेदार की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति रद कर सकते हैं या बदल सकते हैं। जैसे ही महिला के पासपोर्ट का प्रयोग होता है, उसके संरक्षक पुरुष को एसएमएस चला जाता है।

सऊदी अरब में अब्शर ऐप का मामला दिसंबर 2018 में तब सुर्खियों में आया था, जब यहां एक युवती शहाद अल मोहमीद घर से बगावत करने में सफल नहीं हो पाई। उसे परिजनों का फोन चुराने के आरोप में पकड़ लिया गया। इस घटना के बाद से ही इस ऐप के खिलाफ पश्चिमी देशों में लोग विरोध में उतर आए।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने तो यहां तक कह दिया कि यह ऐप महिलाओं की आजादी को खतरे में डाल रहा है, इसलिए गूगल और एप्पल इसे अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाए। अमेरिकी सीनेटर रॉन वायडेन ने तो बकायदा ऐपल के सीईओ टिम कुक और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को पत्र भी लिखा। कुक ने कहा कि वे गंभीरता के साथ इसका हल निकालेंगे।

हालांकि महिला अधिकार समूह इक्वेलिटी नाऊ के प्रवक्ता सुअद अबू-दायेह ने इस बात पर आशंका जताई है कि कंपनियां इन एप को रोकने के लिए कुछ कदम उठाएंगी। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की चिंता किए बिना ताकत और पैसा मिलकर काम कर रहे हैं।

असल में समस्या ये एप नहीं बल्कि समस्या तो सऊदी अरब की वो प्रणाली जिसके अंतर्गत पुरुष ही महिलाओं को संरक्षक होते हैं। सऊदी में महिलाओं की स्थिति बेहद खराब है। यहां उन्हें कोई भी काम करने, शादी करने और यात्रा करने के लिए पुरुष संरक्षक की अनुमति लेनी होती है। शादी से पहले पिता या भाई संरक्षक की भूमिका में रहे हैं और शादी के बाद पति को संरक्षक माना जाता है। 2017 के वैश्विक लैंगिक असमानता रिपोर्ट के अनुसार, लैंगिक असमानता के मामले में 144 देशों में सऊदी अरब 138वें स्थान पर है। सऊदी के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले साल महिलाओं की निगरानी की इस व्यवस्था को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन वह भी इस संबंध में कुछ ठोस नहीं कर सके।

इस एप को लेकर अब पूरी दुनिया में सऊदी अरब की पितृसत्तात्मकता एक बार फिर निशाने पर आ गई है, जिसे सऊदी अरब काफी समय से झुठलाने की कोशिश कर रहा है।

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