मुश्किल नहीं है कुछ भी, अगर ठान लीजिये

आज वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काशी की शूटर बिटिया सुमेधा पाठक ने 21 हज़ार रूपये प्रधानमंत्री रिलीफ फण्ड के लिए प्रदान किये।

यह राशि सुमेधा ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं में स्वयं द्वारा जीती गयी पुरस्कार राशि में से दी है।

फेसबुक पर सक्रिय अनुज तुल्य राष्ट्रवादी मित्र भाई ब्रिजेश चन्द्र पाठक की सुपुत्री सुमेधा विलक्षण प्रतिभा की तो धनी हैं ही साथ ही साथ अदम्य साहस और संघर्षशीलता का भी अनुपम उदाहरण है।

मात्र 14 वर्ष की आयु में एक दिन रहस्यमय बीमारी ने अचानक उस पर आक्रमण किया और सुमेधा के पैरों की शक्ति छीन कर उसे सदा के लिए व्हीलचेयर पर बैठा दिया था।

लेकिन बाल्यावस्था में अचानक ऐसे भीषण संकट से हुए साक्षात्कार से घबराने के बजाय उस बच्ची सुमेधा ने उस संकट से दो दो हाथ कर उसको चुनौती देने की ठानी और उस संकट के सीने पर अपनी सफलताओं की यशगाथाएं लिखना प्रारम्भ किया।

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में B.Com की छात्रा सुमेधा ने कक्षा 12 की परीक्षा में दिव्यांग वर्ग में टॉप किया और शूटिंग का अभ्यास करना प्रारम्भ किया। राज्यस्तरीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में सुमेधा अबतक 40 से अधिक स्वर्ण पदक जीत चुकी है।

सुमेधा की उपरोक्त सफलताएं यह सन्देश देती हैं कि… मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिये।

पुलवामा के शहीदों के सहायतार्थ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज 21 हज़ार रुपये प्रदान करनेवाली सुमेधा की परोपकारी प्रवृत्ति का पहला या अकेला उदाहरण नहीं है।

2 माह पूर्व शूटिंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सुमेधा बंगलौर जाने वाली थी। अचानक तबियत बहुत बिगड़ जाने के कारण उसे बंगलौर यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी। लेकिन उस यात्रा के लिए उसने 25 हज़ार रुपये की जो राशि अपने पास रखी थी वह राशि वाराणसी में हो रहे दिव्यांगों के राष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट की आयोजन समिति को दान कर दी थी।

भाई बृजेश चन्द्र पाठक की यह असीम प्रतिभाशाली पुत्री अपनी अपार सफलताओं, अपने यश, अपने सम्मान के विपुलकोष में निरन्तर श्रीवृद्धि करती रहे…

अशेष अनेक शुभकामनाएं

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