ये है असली और पहला हमला

पाकिस्तान की छाती पर मोदी ने एक लाख अड़तीस हज़ार करोड़ रूपये का पहला मुक्का मार दिया है।

अपने सबसे रईस ग्राहक के स्वागत के लिए अपने कोठे को कोई वेश्या जिस तरह सजाती संवारती है, ठीक उसी तरह पिछले एक महीने से पाकिस्तान भी करोड़ों रूपये फूंक कर सऊदी अरब के क्राऊन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ था। लेकिन भारत के आक्रामक कूटनीतिक आक्रमण ने उसकी इन तैयारियों पर पानी फेर दिया है।

सऊदी अरब के क्राऊन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की इस दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा में कई महत्वपूर्ण बिजनेस डील होनी थी। इसके लिए मुहम्मद बिन सलमान के साथ सऊदी अरब के अरबपति उद्योगपतियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान आ रहा था।

पाकिस्तान पूरी तरह निश्चिंत था कि इस बिज़नेस डील में कम से कम 10 अरब डॉलर के सौदे होंगे। लेकिन पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आक्रामक आक्रोशित तेवरों ने पाकिस्तान के रंग में भंग डाल दिया है।

सऊदी अरब के क्राऊन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने अपनी दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा को घटाकर केवल कुछ घण्टों की औपचारिक यात्रा में बदल दिया। मुहम्मद बिन सलमान ने अपने साथ आ रहे सऊदी अरब के अरबपति उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान यात्रा भी रद्द करा दी। कल रात पाकिस्तान पहुंचे सऊदी क्राऊन प्रिंस के साथ यह प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान नहीं आया।

आज सऊदी शहज़ादे के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की बैठक में जिन सात MOU पर दस्तखत किए गए हैं उनमें सबसे महत्वपूर्ण बताकर पाकिस्तान जिन दो MoU का ढोल पीट रहा है, उनमें पहला यह है कि सऊदी अरब पाकिस्तान में ऑयल रिफाइनरी लगाने के लिए 10 अरब डॉलर का निवेश करेगा जिसकी संभावनाएं अगले 2 वर्षों में तलाश कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

इसके अलावा पाकिस्तान के बैंक में 1 अरब डॉलर की अपनी FD को बढ़ाकर सऊदी अरब 3 डॉलर करेगा। जिस पर वह ब्याज वसूलेगा तथा इस पैसे के उपयोग का अधिकार पाकिस्तान को नहीं होगा। उसे केवल यह लाभ मिलेगा कि केवल कागज़ों पर उसके पास 2 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ जाएगा।

दूसरा MoU यह है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब प्रतिमाह 25 लाख डॉलर का कच्चा तेल एक साल के उधार पर देगा। यहां यह उल्लेख ज़रूरी है कि पिछले 9 महीनों से पाकिस्तान यह सुविधा ले रहा है। 3 महीने बाद से उसको पिछले कर्ज़ के पैसे हर महीने चुकाने होंगे।

ध्यान रहे कि एक अमेरिकी डॉलर पाकिस्तान के 138 रूपये के बराबर है। अर्थात सऊदी अरब से बिजनेस डील से उसे 1,38,000 करोड़ रूपये प्राप्त होते। लेकिन उसे एक रूपया भी नहीं मिला।

ज्ञात रहे कि इन दिनों पाकिस्तान के पास केवल 7 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बची है। अतः सऊदी बिज़नेस डील से उसे मिलने वाले 10 अरब डॉलर उसके लिए जीवनदायी अमृत तुल्य सिद्ध होते। लेकिन फिलहाल पाकिस्तान का यह सपना चूर हो चुका है।

केवल 7 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा कोष के साथ दीवालिया कंगाल भिखारियों की हालत में पहुंच चुके पाकिस्तान के लिए यह बहुत बड़ा आघात है जिसका एकमात्र ज़िम्मेदार कोई और नहीं, बल्कि भारत मां का वीर सपूत नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ही है जिसने पाकिस्तान को पुलवामा के शहीदों की मौत की कीमत पहली किस्त 1,38,000 करोड़ रूपये चुकाने के लिए मजबूर कर दिया है।

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