जागो राष्ट्र जागो : हर व्यक्ति और संस्था के लिए उदाहरण है LIC का यह कदम

कृष्णेन्दू सेन गुप्ता आसनसोल में भारतीय जीवन बीमा निगम में सहायक पद पर कार्यरत था। 14 फरवरी को 44 CRPF जवानों के बलिदान पर FB पर कृष्णेन्दू ने लिखा कि “44 जवानों की मौत पर मुझे कम दुःख हुआ, भारतीय फौज जब कश्मीरी जनता को मारती है तो ज़्यादा दुःख होता है।”

यह निहायत क्रूर और सेना को बदनाम करने वाली पोस्ट थी। यह जानना समीचीन होगा कि LIC एक सार्वजनिक सरकारी क्षेत्र का संस्थान है। पर्याप्त कर्मचारी यूनियने हैं, बंगाल में। ममता बनर्जी जैसी माओवादी- कम्युनिस्ट विचारधारा की महिला का शासन है। कर्मचारी यूनियनें ही बंगाल पर आधिपत्य रखती हैं।

मामला LIC में 16 फरवरी को ही रिपोर्ट हुआ। बगैर किसी दवाब की परवाह किये, आसनसोल मण्डल के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक ने कृष्णेन्दू सेन गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और कार्यालय में आने पर रोक लगा दी।

एक सरकारी संस्थान में इतना तीव्र एक्शन मैंने पहली बार देखा, जबकि बंगाल शासन और ट्रेड यूनियनों के ज़बर्दस्त दवाब भी हों। LIC ने उदाहरण प्रस्तुत कर दिया कि देशप्रेम के आगे कुछ नहीं है… नमन… भारतीय जीवन बीमा निगम…नमन।

LIC ने 44 बलिदानियों में से जिनके बीमे चल रहे थे, शवों के घर पहुँचने से पहले ही बीमाधन का भुगतान कर दिया, जिसमें सबसे छोटा भुगतान रु 4 लाख का है और बड़ा भुगतान रु 12 लाख बीमा धन का है!

सामान्यतः कागज़ी कार्यवाही के पश्चात एक महीने के भीतर भुगतान करना होता है। यदि दुर्घटना होती है यो यह काल अधिकतम 6 माह का होता है, क्योंकि जांच रिपोर्ट, FIR, पुलिस फाइनल रिपोर्ट, दरकार होती है !

पुनः नमन और आभार !!

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