अविश्वसनीय है ये कमीनापन, और उससे भी कहीं आश्चर्यजनक है हिन्दू मूर्खता

इस नरसंहार पर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लग रहे। कश्मीर में ही नहीं… यूपी, बिहार, बंगाल, केरल में लग रहे।

अब दिखावे के मेंढक कल टोपी पहनकर हमले का विरोध करेंगे और सेक्यूलर हिन्दू उनके तलवे चाटेंगे। अखबार फोटो छापेंगे कि देखिए हमारे भारत के भाईजान कितने देशभक्त हैं!

हिन्दू इस दोगलेपन को कभी नहीं समझेंगे! अविश्वसनीय है ये कमीनापन! और उससे भी कहीं आश्चर्यजनक है हिन्दू मूर्खता!!!

लिखवा कर ले लीजिए मुझसे… अभी कई चैनल के बहुत सारे सेक्यूलर पत्रकार हंस हंस कर मोदी का मज़ाक उड़ा रहे होंगे कि कश्मीर में जवानों को मरवा दिया! बीस साल का देखा सुना है!

यही निर्लज्ज थोड़ी बार सड़ांध भरी भावुकता वाले मैसेज लिखेंगे और गधे जैसी आवाज़ में चिल्ला चिल्लाकर पाकिस्तान को धमकाएंगे या विद्रूप विधवा विलाप करेंगे!

लगातार आतंकियों को नरक पहुंचा रही सेना या सरकारी नीति की प्रशंसा करने में इनका पेंच ढीला हो जाता है लेकिन जवानों की दु:खद मृत्यु के साथ ही इनके भीतर का दुर्योधन दहाड़ उठता है! वह कुटिल मुस्कान के साथ रोता भी है!

सरकार को कोसने से पहले एकबार पूरे कश्मीर और पाकिस्तान की हालत पर विचार करें। आज पाकिस्तान की क्या हालत है और कश्मीर में सेना ने पिछले चार वर्षों में आतंकियों की क्या गत कर दी है। यह उनकी तिलमिलाहट है। मोदी सरकार के आंतरिक और बाह्य दुश्मन एक हैं। दोनों उसे हटाना चाहते हैं। ताकि उनका नंगा नाच चलता रहे।

ऐसी विषम परिस्थितियों में सरकार ने बहुत हद तक आतंकवाद को काबू में रखा है। वह कश्मीर तक सिमटा हुआ है। खुफिया तंत्र की नाकामी तो होती है। यूरोप के छोटे छोटे देश जो सबल हैं, जिनका सुरक्षा और खुफिया तंत्र बहुत मजबूत है, वे भी आतंकी हमलों को नहीं रोक सके। कश्मीर में देशघातियों का जमावड़ा है। यह सरकार रही तो अगले पांच साल में उनका भी इलाज होगा और आतंकियों का भी।

चुनौतियों को समझें। सेना और सरकार के ऊपर कितना बड़ा बोझ है। आप और हम इस दु:ख से मुक्ति चाहते हैं तो हमें मोदी सरकार को ही चुनना होगा। कोई कांग्रेसी, गठबंधन की सरकार आपको दु:ख से निजात नहीं दिला सकती बल्कि वह तो नासूर देकर आपकी पीढ़ियां समाप्त कर देगी। इसलिए ठंडे दिमाग से सोचिए।

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