यह वक़्त शोक का नहीं, शौर्य का है

सभ्यताओं के संघर्षों में उलझे राष्ट्र को यह शोभा नहीं देता कि वह अपने योद्धाओं के बलिदान पर आँसू बहाए। यह समय शोक का नहीं है। रणकाल में शोक मनाने की अनुमति नहीं मिल सकती। अपने आक्रोश को इतनी सस्ती अभिव्यक्ति मत दीजिये कि कायरता झलकने लग जाये। जिहाद को हराना है तो उसकी दुरभिसंधि … Continue reading यह वक़्त शोक का नहीं, शौर्य का है