हौसले पस्त! येचुरी ने माना भाजपा के खिलाफ नहीं बन सकता चुनाव पूर्व महागठबंधन

एक तरफ आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व काँग्रेस भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बेदखल करने का दावा ठोकते हुए विपक्षी दलों का महागठबंधन बनाने की कोशिशों में जुटी है, वहीं वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी ने ऐसे किसी भी महागठबंधन की संभावना से इनकार किया है।

सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी ने मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव पूर्व महागठबंधन की संभावना से इनकार करते हुए कहा है कि प्रादेशिक स्तर पर विभिन्न धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ चुनावी सहयोग की संभावना पर उनकी पार्टी विचार करेगी।

येचुरी ने शनिवार को बताया कि पार्टी इस विषय पर आगामी तीन और चार मार्च को विचार करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पोलित ब्यूरो ने चुनाव पूर्व ‘महागठबंधन’ को नकारते हुए अगले आम चुनाव में राज्यों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार चुनावी सहयोग करने का फैसला किया है ताकि भाजपा विरोधी मतों को एकजुट किया जा सके।

उन्होंने कहा, “अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आज खत्म हुई सीपीएम पोलित ब्यूरो की बैठक में सभी राज्यों की रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर यह फैसला किया गया है.’

पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में कांग्रेस के साथ चुनावी सहयोग के सवाल पर येचुरी ने कहा कि किस राज्य में किस दल के साथ किस प्रकार का चुनावी सहयोग कायम किया जाएगा, इसकी रूपरेखा आगामी तीन और चार मार्च को पार्टी की केन्द्रीय समिति की बैठक में तय होगी.

उन्होंने कहा, ‘जहां तक पश्चिम बंगाल का सवाल है, वहां वाममोर्चा में सीपीएम सहित नौ दल हैं और मोर्चा ने फिलहाल किसी अन्य दल को इसमें शामिल करने का फैसला नहीं किया है। इस पर अभी चर्चा चल रही है। इसके अलावा विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने वाले राजद, राकांपा सहित अन्य दलों के साथ भी बातचीत चल रही है।”

लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन के सवाल पर भी येचुरी ने कहा कि केन्द्रीय समिति की बैठक के बाद उम्मीदवारों की घोषणा की जायेगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन में ‘जीतने की संभावना’ ही मुख्य मानक होगा।

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