प्यार उमड़ आया है मौसम में।

प्यार उमड़ आया है मौसम में
जाने कैसा प्यार
दूर की आहट बिल्कुल पास।

जब भी विश्वास डगमगाता है
उम्मीदें जलने लगती हैं
स्वप्न टूटकर बिखर जाते हैं
अभिशाप की परछाइयां
इर्द गिर्द मंडराने लगती हैं

अभिशप्त प्रयासों के पाखण्ड की
सीढियां चढ़ता हुआ
आतंक और सन्नाटे के
अनगिनत बैरियर्स को
तोड़ता हुआ
अक्सर वो चला आता है
हमारे पास
प्यार उमड़ आता है मौसम में
जाने कैसा प्यार
दूर की आहट बिल्कुल पास।

कल जब उसे लगने लगा था
उसके साम्राज्य का तम्बू
उखड़ने लगा है
जाने उसने क्या सोच
जाने उसने क्या किया
अचानक
टूटे हुए तार जुड़ने लगे हैं
सम्वाद की माया
चटखने लगी है
सेवाओं का संजाल सिमटने लगा है
व्यवस्था के विभिन्न अवयवों के बीच
खिंची गयी
सम्मिलन की अनैतिक लकीरें
स्पष्ट उभरने लगी हैं
और ऐसे ही हालात में
संस्कृतियों पर अनैतिक संस्कृति के आक्रमण से
छीनी गयी ज़मीन का
बाजार भाव गिरने लगा है

उस पर मजे की बात तो ये हुयी है
अतीत की अनगिनत घटनाओं के सम्बद्धता पर
पड़ी धूल झड़ने लगी है
शायद यथार्थ की सीमाएं
भावुक तटबंधों को तोड़कर
उन्मुक्त हवा में उड़ने वाली हैं

सम्भालो अपने आप को
हमारे भाग्यविधाता
जनगणमन अधिनायक
प्यार उमड़ आया है मौसम में
जाने कैसा प्यार
दूर की आहट बिल्कुल पास।

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