कल्ले खान डॉन – 2

सुभाष सर याद हैं ना आपको? अय्याश प्रिंसिपल आलम? और बदचलन रुबीना? तो चलिए आगे बढ़ते हैं… [देखें – कल्ले खान डॉन – 1]

जैसा कि आप सबको पिछली बार बताया था कि सुभाष सर बहुत ही कड़क मिजाज़ और ईमानदार आदमी हैं और किस प्रकार बदचलन रुबीना और भ्रष्टाचारी टीचर्स, सुभाष सर के खिलाफ षडयंत्र रच रहे हैं ताकि वे कहीं बेनकाब न हो जाएं।

बदचलन रुबीना और भ्रष्टाचारी टीचर्स तो पहले से ही परेशान थे कि उनको घोटाले करने को नहीं मिल रहे, और इधर नए प्रिंसिपल सुभाष सर ने कॉलेज में नया एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (AO) नियुक्त कर दिया, बिल्कुल अपने जैसा, स्वभाव में मक्खन जैसा सॉफ्ट और काम में एकदम कड़क बेहद ईमानदार न डरने न दबने वाला।

ऋषि नाम के इस नए अधिकारी का नाम सुनते ही बदचलन रुबीना, अय्याश आलम सर और भ्रष्टाचारी टीचर्स के होश उड़ गए, सब की सांसें अटक गई कि अब क्या होगा? ये तो किसी को नही बख्शेगा, अब क्या किया जाए?

महाभ्रष्ट आलम और बदचलन रुबीना ने मीटिंग बुलाई, सभी चोर इकठ्ठे हो गए, मंत्रणा की गई कैसे बचा जाए, पूरी रणनीति तैयार की गयी, यह निर्णय हुआ कि ज़बरदस्त हंगामा किया जाए।

सो सबसे पहले आलम सर और बदचलन रुबीना ने अपने गुर्गो यानी भ्रष्टाचारी साथियों से कहा कि AO की नियुक्ति पर ही सवाल उठाओ, उसे गलत साबित करो, और यदि न कर पाओ तो खूब हंगामा करो, इस से दबाव बनेगा और डर कर वो खुद ही अपना ट्रांसफर ले लेगा, ना भी डरेगा तो कम से कम दबाव के कारण हमारी काली कारगुजारियां उजागर नहीं करेगा, हमारे घोटाले वाली फाईलों से दूर रहेगा यह सोच कर कि पचड़े में कौन पड़े।

लेकिन नया AO तो बड़ा खिलाड़ी निकला, उसने कुर्सी पर बैठने से पहले ही सभी बड़े घोटालों की फ़ाइल अपने पास मंगवा ली, और अपने अधीनस्थों को सभी सबूत जुटाने और सारे केस जल्दी निपटाने को कह दिया।

उधर एक केस के संबंधित दस्तावेज़ बार-बार मांगने पर भी डिपार्टमेंट वाले दे नहीं रहे थे, सो कुछ अधीनस्थ खुद ही डिपार्टमेंट पहुँच गए ताकि वे कागज़ात और फाइलें वे खुद ही ले आएं, बात बहुत छोटी सी थी।

वैसे तो डिपार्टमेंट की हेड बेगम मुमताज़ ने फ़ाइल कई सालों से दबा रखी थी पर अब तो ये लोग खुद ही फ़ाइल लेने आ गए। बेगम मुमताज़ की यूँ तो रुबीना से पटती नहीं थी, दोनों में आपस में बहुत जलन रहती थी, लेकिन जैसे ही रुबीना और आलम सर को पता लगा कि AO के आदमी डिपार्टमेंट में पहुच गए हैं तो लोमड़ी की तरह घात लगाए दोनों ने तुरंत फ़ोन लगाया कि AO के आदमी घोटाले की जांच कर रहे हैं तुम फंस जाओगी जेल जाओगी।

असल मे इन दोनों को यह पता था कि अगर ये AO रहा तो आज नहीं तो कल ये दोनों भी जेल जाएंगे। ये एक सुनहरा मौका था हंगामा करने का, सो दोनों ने मुमताज़ को समझाया – हंगामा करो बखेड़ा खड़ा कर दो।

मुमताज़ ने भी वैसा ही किया, तुरंत डिपार्टमेंट के दरवाज़े बंद कर दिए, हंगामा खड़ा कर दिया कि ये लोग चोरी करने आये थे, फिर बोली मेरी इज़्ज़त पर हाथ डाला, बार बार बयान बदलती रही मुमताज़ पर असल में उसे मालूम था कि बहुत जल्द उसके काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खुलने वाला है और उसे जेल जाना पड़ेगा, हंगामा करना उसकी मजबूरी थी।

AO टस से मस नहीं हुआ और सिक्योरिटी को आदेश दे दिया कि दरवाज़ा खुलवाओ और सभी अधीनस्थों को सकुशल बाहर ले कर आओ। सिक्योरिटी के आते ही बदचलन रुबीना, आलम सर और बेगम मुमताज़ के हाथ पांव फूल गए। उन्हें समझ में आ गया कि अब तो भ्रष्टाचार की फाइलें देनी पड़ेंगे या ये ले जाएंगे, मने जेल जाना तय है।

मरता क्या न करता, उन्होंने स्ट्राइक का ऐलान कर दिया और धरने पर बैठ गए। एक एक कर के सभी भ्रष्टाचारी टीचर्स भी उस धरने में शामिल होते जा रहे हैं, इधर इस सब से बेफिक्र नए AO अपने काम मे तल्लीन हैं, सभी फाइलें खंगाल रहे हैं, नियमानुसार जो सही है वो कर रहे हैं।

कुछ ऐसा ही मामला CBI के नए Chief का भी है। ईमानदार प्रधानमंत्री ने सभी ईमानदारों को मौका देना शुरू कर दिया है, उन्हें मंत्री मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है, तो ईमानदार कर्मचारियों को पावरफुल पोस्ट दी जा रही हैं।

इसी क्रम में देश के सबसे ईमानदार IPS Officer ऋषि कुमार शुक्ला को CBI Chief बनाया गया, उनका नाम सुनते ही भ्रष्टाचारियों के होश उड़ गए, ये न रुकने वाला है न डरने वाला है न दबने वाला है, सही को सही कहने का माद्दा रखने वाले इस अधिकारी को कभी कुर्सी की चाहत ही नहीं रही और न ग्लैमर के चक्कर में ये पड़ते।

अब ऐसे में घोटालेबाज़ों की नींद हराम होना स्वाभाविक था, सो बिना बात का हंगामा खड़ा किया गया। CBI ने लिखित में दिया था इसके बावजूद झूठ बोला जा रहा है कि पुलिस को सूचना नहीं दी थी।

CBI अधिकारियों को अरेस्ट किया गया उनके साथ धक्का मुक्की की गई, गाली गलौच व मार पीट की गई, उन्हें जान से मारने की धमकी दी गयी, गैरकानूनी रूप से CBI दफ्तर घेर लिया गया…

मकसद था फाइलें गायब करना, लेकिन मोदी जी और नए Chief कहाँ टस से मस होने वाले थे सो उन्होंने CRPF को मैदान में उतार कर अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी कि अगर ज़रूरत पड़ी तो सेना भी भेजी जा सकती है अधिकारियों की सुरक्षा के लिए।

असल में चोरों को डर है कि उनकी चोरी के सबूत यदि CBI के हाथ लग गए तो वर्तमान CBI Chief के रहते इन्हें जेल जाना ही पड़ेगा क्योंकि सेटिंग की कोई संभावना नही है, इसीलिए ये सारा बखेडा खड़ा किया गया है ताकि जनता को भ्रमित कर मूर्ख बनाया जा सके।

और अब धरने के नाटक किया जा रहा है… भ्रष्टाचारी और चोर एक एक कर के धरने में भाग लेने पहुच रहे हैं। सबका एक ही उद्देश्य है कि येन केन प्रकारेण इस ईमानदार CBI Chief से या तो छुटकारा मिले या फिर इसे दबाव में लिया जा सके।

लेकिन इस सब से दूर नए CBI Chief पूरे मामले पर कड़ी नज़र बनाये रखते हुए अपने काम में तल्लीन हैं, सभी मामलों को जल्दी निपटने के आदेश दिए गए हैं, हाई प्रोफाइल मामलों की जाँच वे अपने सुपरविज़न में करेंगे ताकि कोई कितना भी बड़ा आदमी ही, कितना ही रुतबेदार या पावरफुल हो, कितने ही पैसे वाला हो कानून के शिकंजे से बच ना पाए।

वहीं ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई बेगुनाह बेवजह परेशान न हो, किसी को जबरदस्ती न फंसाया जाए। नया CBI Chief न्यायप्रिय है ईमानदार है, बस यही सबसे बड़ी दिक्कत है चोरों के लिए।

और हां, इन चिरकुटबाज़ियों से इस अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला क्योंकि इन्होंने विश्व का अव्वल दर्जे का Hostage and Crisis Management का कोर्स विश्व की अव्वल दर्जे की एजेंसी से अमेरिका से किया हुआ है, ये सब इनके लिए तिनके समान है। मोदी ने हीरा नहीं कोहिनूर चुना है, CBI अब सुरक्षित हाथों में है।

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