कमल नाथ ने छीनी पुलिस की कमान तो मोदी ने बना दिया सीबीआई चीफ

मध्य प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी ऋषि कुमार शुक्‍ला को सीबीआई का नया डायरेक्‍टर बनाया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है।

कार्यभार संभालने के बाद शुक्‍ला का कार्यकाल दो साल का होगा। आलोक वर्मा और राकेश अस्‍थाना के विवाद के बाद ये पद खाली था, जिसके बाद 10 जनवरी को तत्कालीन सीबीआई चीफ आलोक वर्मा का स्थानान्तरण कर दिया गया था, और नई नियुक्ति लेने की बजाय वर्मा ने त्यागपत्र दे दिया था।

1983 बैच के मध्य प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी फिलहाल मध्य प्रदेश पुलिस आवास निगम के अध्यक्ष हैं। मप्र में सत्ता परिवर्तन से पहले तक ऋषि कुमार शुक्‍ला मध्‍यप्रदेश पुलि‍स के मुखिया थे। हाल में मप्र की कमलनाथ सरकार ने उन्‍हें हटाकर उनकी जगह वीके सिंह को मप्र पुलिस की कमान सौंपी है।

इससे पहले सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति को लेकर हुई बैठकों में कोई नतीजा नहीं निकल सका था। तभी माना गया था कि सीबीआई का निदेशक चुनने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बैठक में प्रस्तावित नामों को लेकर समिति के सदस्य कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के एतराज के बावजूद केंद्र जल्द ही एजेंसी के अगले प्रमुख के नाम की घोषणा करेगा।

इससे पहले कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि सीबीआई डायरेक्‍टर की नियुक्ति में इतनी देरी क्‍यों हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि समझा जाता है कि तीन सदस्यीय चयन समिति की दूसरी बैठक के दौरान सरकार ने जिन नामों को सामने रखा, खड़गे ने उन पर आपत्ति जाहिर की। खड़गे तीन सदस्यीय समिति का हिस्सा हैं।

पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को निदेशक पद से हटाने के लिए उच्चस्तरीय तीन सदस्यों वाली कमेटी ने 2-1 से फैसला लिया था। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, न्यायमूर्ति सीकरी और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए थे। खड़गे ने बहुमत के फैसले का विरोध किया था।

बता दें कि सीबीआई उस समय सुर्ख‍ियों में आई थी जब आलोक वर्मा ने अपने ही डिप्टी राकेश अस्थाना पर भ्रष्‍टाचार का आरोप लगाया था। तब राकेश अस्थाना केन्द्र सरकार को चिट्ठी लि‍खकर उन पर रिश्वत लेने का आरोप जड़ दिया था।

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY