बजट 2019 और काँग्रेस के लिए सुझाव

इस बार का बजट आने से पहले काँग्रेस बेहद व्याकुल थी।

मुल्क की फ़ज़ाओं में काँग्रेस नेताओं के बयान सरगोशियां कर रहे थे –

सरकार को अंतरिम बजट ही लाना चाहिए, पूर्ण बजट हरगिज़ नहीं। इसलिए कि ऎसी तो परंपरा ही नहीं है। जैसे काँग्रेस सदा-सर्वदा देश की परंपराओं का सम्मान करती आई हो!

सरकार को बड़ी घोषणाएं हरगिज़ नहीं करनी चाहिए। आखिर यह चुनावी साल है और अंतरिम बजट के लिए ऎसी ही परंपरा है। आदि-इत्यादि।

काँग्रेसियों का यह सब दुराग्रह मुझे कुछ ऐसा लगता था – आसमान के तारे तोड़ लाने जैसे वादे करने वाले आप कौन, यह तो सिर्फ हमारा खानदानी अधिकार है। हमने ‘ग़रीबी हटाओ’ जैसा पावरफुल नारा दिया। लोगों को गड्ढे खोदने या भरने में सौ दिन का रोज़गार देकर ग़रीबी से उबारा।

फिर मुझे ध्यान आया – ग़ज़ब यह है कि काँग्रेसियों ने नारे को ग़रीबी के बजाय ‘ग़रीब हटाओ’ समझ लिया। इसी का फल था मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान 33 रुपए प्रतिदिन कमाने वाले को बीपीएल से ऊपर आ गया मान लेना।

तब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पांच रुपए में भरपेट भोजन करा देने की गारंटी देने वाले काँग्रेस नेता रशीद मसूद अपने दावे का फिजिकल मुज़ाहिरा करने से पहले ही भ्रष्टाचार में चार साल के लिए जेल भेज दिए गए।

बॉलीवुड की स्टारी नाइट्स से लबरेज़ मुंबई में सिर्फ बारह रुपए में भरपेट भोजन कराने का दावा करने वाले काँग्रेसी नेता राज बब्बर जेल तो नहीं गए, लेकिन उनकी औक़ात ऎसी हो गई, जैसी चूहेदानी में फंसे मूषक की होती है। हजरत ने बड़ी मुश्किल से माफ़ी मांग कर अपनी जान बचाई।

लेकिन मुझे पता था कि यह सरकार बेहद समझदार है। यह अंतरिम बजट ही लाएगी, लेकिन उसमें ऎसी युक्तियां होंगी कि प्रतिपक्ष के पास माथा पीटने के अलावा कोई और चारा नहीं होगा।

ज़ाहिर है, बजट ने साबित किया कि काँग्रेस की व्याकुलता उचित थी। सरकार ने एक साथ किसान, मज़दूर, कम आय वाले मध्यम वर्ग के साथ-साथ बड़े व्यापारियों तक को साध लिया है। अर्थात सरकार ने सांप भी मार दिया और लाठी भी नहीं पीटनी पड़ी।

काँग्रेस हक्का-बक्का है। राहुल बाबा पिछले दो-चार दिनों से घोषणाओं की जो हवाई फुलझड़ियां छोड़ रहे थे, वे फुस्स हो गई हैं।

मैं सोचता हूं कि अब काँग्रेस में मंथन चल रहा होगा – नया क्या लाएं?

एक गंभीर सुझाव – दामाद जी द्वारा हथियाई गई जमीनों पर भारत के प्रत्येक नागरिक को मुफ्त प्लॉट आवंटित करने का आइडिया कैसा रहेगा?

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