कुंद हो रहे हैं राहुल गांधी के सारे अस्त्र शस्त्र

भाजपा के नेता राहुल गांधी के साथ भूल कर भी ना बैठें। और ना ही प्रियंका वाड्रा पर कोई बयान दें।

मनोहर पर्रिकर के साथ जो राहुल गांधी ने किया उसके बाद तो किसी भी भाजपा नेता को राहुल गांधी के साथ बैठने की भूल नहीं करनी चाहिए।

राफेल को ले कर राहुल गांधी के सभी अस्त्र शस्त्र कुंद होते जा रहे हैं, जिसकी वजह से हताशा में वो अब ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिससे वे अपनी ही जगहंसाई करवा रहे हैं।

संभवत: राफेल को ले कर राहुल गांधी ‘किसी’ के इस कदर दबाव में है और शायद इसकी कारण उन्हें ये भी भान नहीं रहा कि मनोहर पर्रिकर जैसे बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को भी अपने झूठ के लपेटे में लेने से उनकी अपनी ही पोल खुल गई।

इस एपिसोड से जहां मनोहर पर्रिकर की प्रतिष्ठा बढ़ी है और वहीं राहुल गांधी की हर तरफ से थू थू हुई है।

ऐसा प्रतीत होता है मानों राहुल और काँग्रेस को ‘किसी’ के ऐसे निर्देश हैं कि किसी तरह भी राफेल के लिए मोदी और उसके मंत्रियों को बदनाम करते रहो जिससे मोदी को हटाया जा सके और दोनों देशों और काँग्रेस का काँटा दूर हो सके।

राफेल की लड़ाई राहुल हार चुके हैं लेकिन वो चुनाव तक उसे ज़िंदा रखने की कोशिश करते रहेंगे क्योंकि उन्हें ऐसा ही आदेश है।

फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान पर झूठ बोला, संसद में फर्जी ऑडियो टेप चलाने की कोशिश की और अब मनोहर पर्रिकर से 5 मिनट की मुलाकात के लिए भी झूठ बोल गए।

एक तरफ कहा था कि राफेल की फाइलें पर्रिकर के घर में हैं और दूसरी तरफ आरोप लगाया कि पर्रिकर ने कहा सौदा बदलने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे पूछा नहीं।

दोनों में एक बात तो राहुल की सच होनी चाहिए, खुद उनके ही अनुसार… जबकि दोनों ही गलत थीं।

खुद अपने और काँग्रेस के नेताओं पर कसते भ्रष्टाचार के शिकंजे से परेशान हैं राहुल, जिसकी वजह से शायद वे अपना मानसिक संतुलन कायम नहीं रख पा रहे हैं।

शायद इसी क्रम में वे दुबई गए थे (जहां ISI के उच्च अधिकारी कथित तौर पर मौजूद थे) कि पता कर सकें कि मिशेल का प्रत्यर्पण कैसे हो गया, आलोक वर्मा का रॉ के अधिकारियों के खिलाफ फैलाया जाल कैसे कट गया और सुनिश्चित कर सकें कि आगे किसी राज़दार का प्रत्यर्पण ना हो।

मगर राहुल गांधी का सारा षडयंत्र कल चौपट हो गया जब मिशेल के अलावा अगस्ता घोटाले के आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव शमशेर बहादुर सक्सेना और यू पी ए शासन के दौरान रक्षा सौदों में दलाली करने वाले दीपक तलवार को दुबई ने भारत भेज दिया।

सोचा था मुस्लिम कार्ड चला कर दुबई के शेखों को मना लेंगे मगर उल्टा हो गया!

दीपक तलवार को CBI और ED की अपील पर भारत भेजा गया है। उस पर 90.72 करोड़ रुपये के दुरूपयोग का आरोप है और मनमोहन सरकार के दौरान कुछ विमानों के सौदों में उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में है।

गणतंत्र दिवस परेड में राहुल गांधी पूरे समय नितिन गडकरी के साथ बैठे हुए थे और जब जब भी कैमरा उन पर फोकस हुआ तब तब राहुल, गडकरी से बात करते दिखाई दिए।

मनोहर पर्रिकर को तो राहुल ने लपेटे में ले लिया, अब ऐसा ना हो नितिन गडकरी पर भी कुछ आरोप ठोक दें कि उन्होंने मोदी या राफेल के बारे में क्या क्या बताया।

इसलिए भाजपा नेता अब सावधान हो जाएँ… राहुल को कोई बीमार भाजपा नेता भी अपने पास ना आने दे और ना ही कोई उनके पास बैठने की गलती ही करे।

अगर राहुल, प्रधानमंत्री मोदी से संसद में फिर गले मिलने की कोशिश करें तो उन्हें दूर कर दें या दूर हो जाएँ।

दूसरा काम भाजपा नेताओं को करना चाहिए कि वो प्रियंका वाड्रा पर कोई बयान ना दें और कोई कटाक्ष ना करें। प्रियंका को कोई तवज्जो देने की ज़रूरत ही नहीं है। जितना उनके बारे में बोलेंगे, उनकी वैल्यू बढ़ायेंगे, जो नुकसान देगा।


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