कुम्भ 2019 : 6 लोकप्रिय आकर्षण

भक्तों को रबड़ी खिलाते रबड़ी बाबा

कुंभ नगरी प्रयागराज (Prayagraj Kumbh) में इस बार देश-विदेश से साधु-संत आए हैं। हर कोई अपने अनोखे अंदाज से श्रद्धालुओं को अट्रैक्ट कर रहा है। ऐसे ही हैं महंत गिरी जी महाराज, जो इन दिनों लोगों के बीच ‘रबड़ी वाले बाबा’ (Rabri Baba) नाम से फेमस हैं।

दिन हो या रात, आंखों पर काला चश्मा लगाए ये बाबा भगवान को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में पूरी रबड़ी मेले में आए लोगों में बांट देते हैं। बाबा के मुताबिक, वे रोजाना 50 किलो दूध की रबड़ी बनाते हैं।

अक्षयवट पर विदेश से आए कलाकारों ने की रामलीला

अक्षयवट के मंच पर शाम 5:30 बजे मास्को की रामलीला का मंचन शुरू हुआ। सीता स्वयंवर,राम का अयोध्या में प्रवेश, रानी कैकयी का कोप भवन में जाना, राम, लक्ष्मण, सीता वन गमन, सीता हरण, राम हनुमान भेंट, पंचवटी में सीता, हनुमान का लंका में प्रवेश, राम- रावण युद्ध के अलावा राम के राज्याभिषेक के भावों का मंचन रूसी कलाकारों ने किया।

लीला की शुरुआत सीता स्वयंवर से हुई। राम और रावण के युद्ध को भी रूसी कलाकारों ने प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। एफगेनी ने राम की भूमिका निभाई तो वोल्गा ने सीता की। आरगेनी राजा जनक बने थे। एंजलीना सुमित्रा, विक्टर हनुमान, एलेग्जे लक्ष्मण, एलेंजेंद्रा कैकेयी, लाडोलेट ने रावण की भूमिका निभाई। कौशिल्या की भूमिका नादेज्दा सिंह ने की। 20 मिनट की इस संगीतमय रामलीला का निर्देशन रामेश्वर सिंह ने किया।

बाल साधु

प्रयागराज कुम्भ में नागा साधुओं के अलावा ढेरों अखाड़ों के साधु सन्यासी सुर्खियों में बने हुए हैं। लेकिन लोगों के आकर्षण का केंद्र कुम्भ नगरी में आये बाल साधु भी बने हुए हैं जो इस बाल्यावस्था में साधु सन्यासियों जैसा कठिन जीवन चर्या का पालन करते हुए धर्म की दीक्षा ले रहे हैं। कुम्भ में तीन दिवसीय धर्म संसद में श्री विद्या मठ के ये बाल साधु भी यहां पहुंचे हैं। इन बाल साधुओं की दिनचर्या सुबह 4 बजे से शुरू होती है। स्न्नान आदि के बाद ध्यान और फिर 4 घंटे सुबह पाठशाला और फिर शाम को एक बार फिर 4 घंटे अध्ययन में गुज़रता है।

अस्थाई पांटून (पीपा) पुल

कुम्भ मेला नदी के दोनों किनारों पर लगा हुआ है, इसलिए आवागमन के लिए प्रशासन ने अस्थाई पीपा पुलों का निर्माण किया है। 1152 पांटूनों से 22 पीपा पुलों का निर्माण किया गया है। जिनमें से 11 आने और 11 जाने के लिए हैं। साधु संतों का जत्था इस पर से गुज़रता हुआ देखा जा सकता है।

साइबेरिया से आये पक्षी

कुम्भ मेले में हज़ारों किलोमीटर दूर से साइबेरिया के प्रवासी पक्षी भी इस बार कुम्भ मेले में देखे जा सकते हैं। इन पक्षियों का दल काफ़ी खूबसूरत नज़र आता है। श्रद्धालु इन्हें चारा भी परोसते हैं। रात्रि के वक़्त इनका रूप और भी दर्शनीय होता है।

चित्रकला से सजा शहर : प्रयागराज

कुंभ में इस बार वैसे तो बहुत ही नई चीजें देखने को मिली, मगर कुम्भ के लिए प्रयागराज में कदम रखते ही सारे शहर में चित्रकारी देखने को मिलेगी। शहर का हर मार्ग, हर घर, हर दीवार, हर चौराहा, हर फ्लाईओवर देश और दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आये चित्रकारों ने रंग दिया है। इस चित्रकारी के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है।

कुम्भ के इन आकर्षणों से कहीं हम छूटे न रह जाएं, इसलिए एक बार कुम्भ के दर्शन करके आना ही चाहिए।

– अंकित सुमन

संदर्भ:

https://www.google.co.in/amp/s/www.bhaskar.com/amp/uttar-pradesh/lucknow/news/kumbh-mela-2019-rabri-baba-is-famous-for-making-special-rabri-in-prayagraj-6013399.html

https://www.google.co.in/amp/s/m.navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/allahabad/kumbh-mela-2018-allahabad-preparation-for-painting-in-city/amp_articleshow/64502888.cms

https://www.amarujala.com/photo-gallery/uttar-pradesh/allahabad/kumbh-2019-russia-actor-volga-play-sita-role-and-afgeni-plan-lord-ram-roal-at-kumbh-mela?pageId

https://www.bhaskar.com/uttar-pradesh/lucknow/news/kumbh-2019-golden-baba-in-police-custody-for-threatening-a-policeman-6008630.html?ref=rlreco

https://www.google.co.in/amp/s/m.livehindustan.com/uttar-pradesh/allahabad/story-22-pantoon-bridge-will-be-made-in-kumbh-2019-1958674.amp.html

https://www.newsstate.com/kumbh/kumbh-2019-prayagraj-kumbh-mela-2019-2019-allahabad-ardh-kumbh-mela-kumbh-mela-allahabad-2019-cm-yogi-allahabad-kumbh-2019-2019-kumbh-mela-bal-sadhu-article-74438.html

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